पिछले दो कारोबारी सत्रों में दो फीसदी की गिरावट के बाद सोमवार को सूचकांक के दिग्गज एचडीएफसी बैंक की अगुआई में हुई खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी में इजाफा हुआ। सेंसेक्स दिन के कारोबार के दौरान करीब 350 अंक फिसल गया था, लेकिन इसके बाद जोरदार वापसी करते हुए 650 अंक यानी 0.8 फीसदी की बढ़त के साथ 83,277 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 212 अंक यानी 0.8 फीसदी के इजाफे के साथ 25,683 पर टिका। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 3.1 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपये हो गया।
सेंसेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त एचडीएफसी बैंक के कारण हुई। पिछले सात सत्रों में 5 फीसदी गिरने के बाद सोमवार को यह शेयर 2.2 फीसदी चढ़ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.2 फीसदी का इजाफा हुआ और यह सूचकांक की बढ़त में योगदान करने वाला दूसरा सबसे बड़ा शेयर रहा। बाजार के जानकारों का कहना है कि सोमवार की तेजी का कारण सस्ते सौदों पर दांव लगाना था क्योंकि निवेशकों ने आईटी शेयरों से अपनी रकम निकालकर दूसरे शेयरों में लगाई।
पिछले हफ्ते आईटी शेयरों में बिकवाली हुई थी जिसकी वजह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की उथल-पुथल की आशंकाओं के बीच निवेशकों का इसमें निवेश घटाना था। निफ्टी आईटी इंडेक्स में पिछले सप्ताह 8.2 फीसदी की गिरावट आई थी, जो 4 अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। सोमवार को इंडेक्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और इसमें 0.2 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पूंजी बाजार में ऋण देने के नियमों को सख्त करने के बाद कैपिटल मार्केट से जुड़ी मध्यस्थ कंपनियों के शेयरों पर दबाव आया। लेकिन, इन इंटरमीडियरीज की मौजूदगी न होने के कारण इसका असर बेंचमार्क सूचकांकों पर नहीं पड़ा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, नतीजों का सीजन मजबूती के साथ खत्म हो रहा है। ऐसे में धीमे-धीमें बढ़त जारी रह सकती है और बाजार में चुनिंदा शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है।
उन्होंने कहा, इन्फोसिस का आगामी एआई-केंद्रित निवेशक सम्मेलन और दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट से आईटी और आईटी सेवा कंपनियों को दिशा मिलने की उम्मीद है। उद्यम स्तर पर एआई को अपनाने, उससे होने वाली आय, सौदों की संभावनाओं और नियामकीय दृष्टिकोण पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। आगे चलकर यह भी उम्मीद है कि निवेशक बाजार के संकेतों के लिए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से संबंधित भावी घटनाओं पर नजर रखेंगे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजित मिश्र ने कहा, तकनीकी शेयरों में लगातार बिकवाली बाजार के आत्मविश्वास पर भारी पड़ी है और इससे बाजार का माहौल नाजुक बना हुआ है। हालांकि, बैंकिंग और कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों में मजबूती ने दबाव कम करने में मदद की और बाजार में बढ़त आई। उन्होंने कहा, मौजूदा अस्थिरता और मिले-जुले संकेतों के कारण हम सतर्कता बरत रहे हैं। साप्ताहिक एक्सपायरी के कारण मंगलवार को बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
बाजार में चढ़ने और गिरने वाले शेयरों का अनुपात नकारात्मक रहा और 2,565 शेयर गिरे जबकि 1,747 में इजाफा हुआ। ऐक्सिस बैंक, आईटीसी और भारतीय एयरटेल सेंसेक्स की बढ़त में योगदान करने वाले अन्य अहम शेयर रहे।