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एमएफ की खूब नई योजनाएं

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 8:31 PM IST

वर्ष 2020 के दौरान वैश्विक महामारी और शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद नई इक्विटी फंड योजनाओं में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। इस साल करीब 47 एनएफओ ने बाजार में दस्तक दिए और लगभग 9,000 करोड़ रुपये की कमाई की। इनमें से 10 योजनाएं इसी महीने बंद हो रही हैं।  इस सूची में इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड जैसी योजनाओं सहित एक दर्जन से अधिक पैसिव स्कीम शामिल। इन योजनाओं ने निवेशकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है। हालांकि जुटाई रकी रकम पिछले दो वर्षों की तुलना में कम है लेकिन यह इस साल के अंत तक पिछले दो वर्षों के संग्रह को पार कर सकती है।
 
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में तेजी के दौरान नई योजनाओं की मार्केटिंग करना और परिसंपत्ति बढ़ाना आसान होता है। प्लान रुपी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अमोल जोशी ने कहा, ‘शेयर बाजार अपने सर्वकालिक ऊंचाई पर है और तीन से पांच साल के रिटर्न वाली इक्विटी डायवर्सिफाइड योजनाओं में सुधार देखा गया है। इससे निवेशकों के बीच उम्मीद बढ़ी है और फंड हाउस इस अवसर का उपयोग अधिक से अधिक निवेशकों को प्राप्त करने के लिए कर रहे हैं।’ 
 
अक्टूबर में 3.5 फीसदी की वृद्धि के बाद निफ्टी 50 ने रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचने के लिए नवंबर में 13,000 अंक को पार कर लिया। उसे मुख्य तौर पर जबरदस्त एफपीआई प्रवाह, कंपनियों की कमाई के लिए अच्छा सीजन और त्योहारी सीजन के रुझानों से रफ्तार मिली। इससे पता चलता है कि मांग में सुधार जारी है। तेजी  दिसंबर में भी जारी रही है और निफ्ट 13,200 के स्तर को पार कर चुकी है। इस महीने बंद होने वाले एनएफओ में ऐक्सिस स्पेशल सिचुएशन फंड, डीएसपी वैल्यू फंड, आदित्य बिड़ला एसएल ईएसजी फंड, एचडीएफसी डिविडेंड यील्ड फंड, यूटीआई स्मॉलकैप फंड आदि शामिल हैं। एचडीएफसी एमएफ ने अपने एचडीएफसी डिविडेंड यील्ड फंड के लिए कम ब्याज दरों और मौजूदा एकीकृत मूल्यांकन का हवाला दिया है जो उच्च लाभांश प्रतिफल वाले शेयरों को आकर्षक बनाते हैं।
 
बाजार पर नजर रखने वालों का यह भी मानना है कि कुछ फंड हाउस, खासकर नए फंड हाउस के उत्पाद पोर्टफोलियो में अंतर दिख सकता है और वे नई योजना को लॉन्च करते हुए इस खाई को पाटना चाह रहे हैं। वर्ष 2017 में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने व्यापक रूप से इक्विटी फंडों की 10 श्रेणियों, डेट फंडों की 16 श्रेणियों और हाइब्रिड फंडों की छह श्रेणियों के तहत सभी योजनाओं को वर्गीकृत किया था। सेबी के दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रति श्रेणी केवल एक योजना की अनुमति दी गई थी।
 
हालांकि विशेषज्ञों ने चेताया है कि निवेशकों को एनएफओ में निवेश करते समय सतर्क रहना चाहिए और जब तक कोई आकर्षक या अनोखी योजना न दिखे तो निवेश करने से बचना चाहिए। साइक्स ऐंड रे इक्विटीज के मुख्य वित्तीय योजनाकार कीर्तन शाह ने कहा, ‘निवेशकों को पहले यह निर्धारित करना चाहिए कि क्या उसी श्रेणी में कोई अन्य योजना भी उपलब्ध है। यदि जवाब हां है, तो यह देखना चाहिए कि नया फंड अन्य से किस प्रकार अलग है। आमतौर पर 10 में से नौ बार समान श्रेणी में मौजूद योजनाओं के बीच कोई खास अंतर नहीं होता है।’

First Published : December 6, 2020 | 8:56 PM IST