Executive Centre IPO: एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया के 2,600 करोड़ रुपये के आईपीओ को सेबी की मंजूरी

आईपीओ के बाद को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस स्पेस कंपनियों की सूची में होगा शामिल; कई अन्य ऑपरेटर भी लिस्टिंग की कतार में

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प्राची पिसल   
Last Updated- January 16, 2026 | 11:02 AM IST

Executive Centre IPO: फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस समाधान मुहैया कराने वाली कंपनी- एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया- को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए मंजूरी मिल गई है। इसमें 2 रुपये के अंकित मूल्य वाले नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और कुल मूल्य 2,600 करोड़ रुपये तक होगा।

आईपीओ के बाद एग्जीक्यूटिव सेंटर शेयर बाजार पर पहले से सूचीबद्ध को-वर्किंग/मैनेज्ड ऑफिस/फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटरों में शामिल हो जाएगी। इनमें वीवर्क इंडिया (14 जनवरी तक कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 8,046 करोड़ रुपये), स्मार्टवर्क्स (5,474 करोड़ रुपये), इंडिक्यूब स्पेसेज (4,218 करोड़ रुपये), ऑफिस स्पेस सॉल्यूशंस (3,234 करोड़ रुपये), डेव एक्सेलेरेटर (348 करोड़ रुपये) और कोंटोर स्पेस (41 करोड़ रुपये) शामिल हैं ।

प्रमुख सूचीबद्ध ऑपरेटरों में वीवर्क का साल 2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान कुल राजस्व 585.5 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 17.2 प्रतिशत ज्यादा है जबकि इसी अवधि में लाभ 6.4 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल के मुकाबले 96.85 प्रतिशत कम है। कंपनी का शेयर 14 जनवरी को 7.4 प्रतिशत गिर गया और अपने निर्गम मूल्य 648 रुपये के मुकाबले 600 रुपये पर बंद हुआ।

स्मार्टवर्क्स ने 424.8 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो पिछल साल के मुकाबले 21 प्रतिशत ज्यादा है। उसने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 3.13 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में 15.82 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी का शेयर सूचीबद्धता के बाद से 16.5 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर चुका है और अपने निर्गम मूल्य 407 रुपये के मुकाबले 474 पर बंद हुआ।

वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में इंडिक्यूब ने 354 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया जो पिछले साल के मुकाबले 38 प्रतिशत अधिक है। अलबत्ता इस अवधि में उसका लाफ 28 करोड़ रुपये (पिछले साल के मुकाबले 260 प्रतिशत अधिक) रहा। इंडिक्यूब के शेयर में 16 प्रतिशत की गिरावट आई है और 14 जनवरी को यह अपने निर्गम मूल्य 237 रुपये के मुकाबले 199 रुपये पर बंद हुआ। इस तिमाही में ऑफिस का राजस्व सालाना आधार पर 26 प्रतिशत तक बढ़कर 367 करोड़ रुपये हो गया, जबकि लाभ 16 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 6.66 प्रतिशत अधिक (समान आधार पर) है। कंपनी के शेयर में 18.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह अपने निर्गम मूल्य 383 रुपये के मुकाबले 452.3 पर बंद हुआ। टेबल स्पेस, बीहाइव वर्कस्पेस और सिंपलीवर्क जैसे फ्लेक्स ऑपरेटर भी आने वाले समय में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना बना रहे हैं।

First Published : January 16, 2026 | 8:55 AM IST