facebookmetapixel
Advertisement
HCLTech को मिला 10,830 करोड़ रुपये का बड़ा AI कॉन्ट्रैक्ट, शेयर 4% से ज्यादा उछलारिमोट से ई-रिक्शा बंद होने का खतरा! सरकार ने ऐप स्टोर से हटाए 2 संदिग्ध चीनी ऐपPersonal Loan से पहले तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स, वरना पहली बार में ही रिजेक्ट हो सकता है आवेदनNifty 50 की हर कंपनी में बराबर निवेश का मौका, Axis MF के नए फंड में ₹100 से शुरुआतCoca-Cola की भारतीय कंपनी ला सकती है IPO, ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्टNestle India के निवेशकों को स्पेशल तोहफा, ₹2 प्रति शेयर मिलेगा स्पेशल डिविडेंड; जानिए रिकॉर्ड डेटसिर्फ 2 साल में 300 गुना बढ़ी इस हेल्थ इंश्योरेंस की डिमांड, आखिर लोग क्या समझ गए?भारतीय रियल एस्टेट पर निवेशकों का दाव, H1 में निवेश 6 साल के हाई परAMC, Insurance या Broking, Q1 में किस सेक्टर में होगी सबसे ज्यादा कमाई? ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिक्सIndia Services PMI: जून में 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंची सर्विस सेक्टर की रफ्तार, घरेलू मांग में नरमी का असर

स्मॉल, मिडकैप में म्युचुअल फंडों का निवेश बढ़ा

Advertisement

NSE निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में म्युचुअल फंडों की औसत होल्डिंग दिसंबर 2023 की तिमाही के आखिर में 9 फीसदी थी, जो FY23 की समान अवधि के 7.76 फीसदी के मुकाबले ज्यादा है।

Last Updated- April 09, 2024 | 9:53 PM IST
FoF returned to glory, benefited from tax adjustment; Raised Rs 6,000 crore FOF में लौटी रौनक, टैक्स एडजस्टमेंट का मिला फायदा; 6,000 करोड़ रुपये जुटाए

खुदरा निवेशकों के पास स्मॉलकैप कंपनियों की हिस्सेदारी एक साल पहले के मुकाबले अब ज्यादा है, जिसकी वजह इस पर केंद्रित म्युचुअल फंड योजनाओं को लेकर उनका दृढ़ विश्वास है।

कैपिटालाइन के आंकड़ों से पता चलता है कि एनएसई निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में म्युचुअल फंडों की औसत होल्डिंग दिसंबर 2023 की तिमाही के आखिर में 9 फीसदी थी, जो वित्त वर्ष 23 की समान अवधि के 7.76 फीसदी के मुकाबले ज्यादा है। इस अवधि में 20 फीसदी से ज्यादा एमएफ होल्डिंग वाली कंपनियों की संख्या 20 से बढ़कर 26 हो गई। बाजार पर नजर रखने वालों ने कहा कि शुरुआती ट्रेंड बताते हैं कि मार्च 2023 की तिमाही के दौरान स्वामित्व में और इजाफा हुआ है।

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के स्वामित्व में म्युचुअल फंडों के बढ़ते हिस्से ने नकदी को लेकर नियामकीय चिंता पैदा की। इस साल बाजार नियामक ने फंड हाउस को अपनी योजनाओं का स्ट्रेस टेस्ट करने को कहा ताकि यह पता चल सके कि क्या वे निवेश निकासी में अचानक होने वाली बढ़ोतरी का प्रबंधन कर सकते हैं। म्युचुअल फंड के अधिकारियों के मुताबिक, इस बात को लेकर चिंता थी कि म्युचुअल फंडों के पास स्मॉलकैप शेयरों में बड़ा फ्री-फ्लोट स्वामित्व बाजार में नरमी के दौरान नकदी का मसला खड़ा कर सकते हैं।

कैलेंडर वर्ष 2023 में स्मॉलकैप व मिडकैप योजनाओं को ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में मिले शुद्ध निवेश का करीब 40 फीसदी हिस्सा मिला और वे कुल 1.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश में से 64,000 करोड़ रुपये हासिल कर पाए। ये निवेश सुधरे हुए प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हुए। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने कैलेंडर वर्ष 2023 में क्रमश: 46.6 फीसदी व 55.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की, जो सेंसेक्स व निफ्टी-50 सूचकांकों में हुई बढ़त के मुकाबले करीब दोगुना है।

स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों में निवेश पिछले दो महीने में नरम हुआ है। जनवरी में लार्जकैप व फ्लेक्सीकैप फंडों में संयुक्त निवेश 17 महीने में पहली बार स्मॉलकैप फंडों से ज्यादा रहा। इसकी वजह स्मॉलकैप फंडों में निवेश कम मिलना और दो लार्जकैप केंद्रित योजनाओं में निवेश हुई बढ़ोतरी है। ऐसा ही ट्रेंड फरवरी में भी देखा गया। फंड मैनेजरों व वेल्थ मैनेजरों ने कहा कि स्मॉलकैप फंडों को पूरी तरह से दरकिनार करने की जरूरत नहीं है, लेकिन निवेशकों को अपना निवेश इच्छित स्तर तक लाने के लिए अपना पोर्टफोलियो दोबारा संतुलित करना चाहिए।

दिसंबर के आखिर में ज्यादा एमएफ निवेश वाली पांच अग्रणी स्मॉलकैप फर्मों में कल्पतरू प्रोजेक्ट्स, इक्विटास स्मॉल फाइनैंस बैंक, क्रॉम्पटन ग्रीव्स, पीवीआर आईनॉक्स और एमसीएक्स शामिल हैं। इन कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी 30 फीसदी से ज्यादा है।

Advertisement
First Published - April 9, 2024 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement