बाजार

सोना सस्ता हुआ तो लोन फंसा? गोल्ड लोन कंपनियों पर दोहरी मार

सोने की कीमतों में तेज गिरावट से गोल्ड-लोन कंपनियों की चिंता बढ़ी, एनपीए और लोन ग्रोथ पर पड़ सकता है असर

Published by
रेक्स कैनो   
Last Updated- February 01, 2026 | 11:14 AM IST

रविवार, 1 फरवरी को शुरुआती कारोबार में गोल्ड-लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से तेजी से गिरने के बाद इन कंपनियों के शेयर 8 प्रतिशत तक टूट गए। आज शेयर बाजार केंद्रीय बजट 2026 की प्रस्तुति के कारण एक विशेष ट्रेडिंग सेशन के लिए खुले हैं।

Muthoot, Manappuram और IIFL के शेयर गिरे

NSE पर Muthoot Finance का शेयर 7.6 प्रतिशत गिरकर ₹3,538 के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया। शुरुआती 15 मिनट में ही इसके करीब 1.5 लाख शेयरों का कारोबार हुआ। वहीं Manappuram Finance का शेयर 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर ₹267.40 तक आ गया, जिसमें करीब 16 लाख शेयरों की ट्रेडिंग देखी गई। IIFL का शेयर भी 4 प्रतिशत गिरकर ₹507 तक फिसल गया।

यह भी पढ़ें | बजट से पहले सोने-चांदी में तेज गिरावट, रिकॉर्ड हाई से चांदी ₹1.54 लाख और सोना ₹44,888 टूटा

शेयर गिरने की वजह क्या है

विश्लेषकों का कहना है कि सोने की कीमतों में तेज गिरावट के कारण गोल्ड-लोन कंपनियों को नुकसान हो सकता है। आशंका है कि इन कंपनियों के बैड लोन यानी NPA बढ़ सकते हैं और लोन की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है। सोना सस्ता होने पर ग्राहक उतना लोन नहीं ले पाएंगे, जितना पहले मिल रहा था।

Equinomics Research के फाउंडर जी. चोक्कलिंगम का कहना है कि सोने की कीमत गिरने के बाद कंपनियां उतने ही सोने पर कम लोन दे पाएंगी। इसके अलावा, पहले से दिए गए लोन में भी दिक्कत आ सकती है, अगर ग्राहक अतिरिक्त सोना गिरवी नहीं रख पाए। ऐसे मामलों में कर्ज के NPA बनने का खतरा बढ़ जाता है।

गोल्ड लोन पर RBI के नियम

RBI के नियमों के मुताबिक, ₹2.5 लाख तक के गोल्ड लोन पर लोन-टू-वैल्यू यानी LTV 85 प्रतिशत तय है। वहीं ₹2.5 लाख से ₹5 लाख के गोल्ड लोन पर यह सीमा 80 प्रतिशत है। सोने की कीमत गिरने पर यह सीमा ग्राहकों के लिए और चुनौती बन सकती है।

चोक्कलिंगम का मानना है कि हालिया तेज तेजी के बाद सोने की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है। पिछले 13 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 135 प्रतिशत की तेजी आई है, जो सामान्य रिटर्न से काफी ज्यादा है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक तौर पर सोना औसतन 6 प्रतिशत सालाना रिटर्न देता है, इसलिए इतनी तेजी के बाद गिरावट की आशंका बनी हुई है।

यह भी पढ़ें | Gold-Silver ETFs: एक दिन में 15% तक की तगड़ी गिरावट, जानें टॉप 5 में किसे लगा सबसे बड़ा झटका

बाजार का ताजा हाल

सुबह 10:49 बजे तक Muthoot Finance का शेयर करीब 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹3,607 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Manappuram Finance करीब 0.93 प्रतिशत गिरकर ₹282 पर और IIFL करीब 2 प्रतिशत गिरकर ₹517.90 पर ट्रेड कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सोना करीब 16 प्रतिशत टूट गया, जबकि चांदी में 38 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और फेडरल रिजर्व के नए प्रमुख को लेकर चर्चाओं के चलते कीमती धातुओं पर दबाव आया।

भारत में MCX पर सोना-चांदी धड़ाम

घरेलू बाजार में MCX पर सोने की कीमतों में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल गोल्ड फ्यूचर ₹1,38,634 के इंट्रा-डे लो तक फिसल गया, जो अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 23 प्रतिशत नीचे है। वहीं MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर भी 36 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर ₹2,65,652 तक आ गया।

First Published : February 1, 2026 | 11:00 AM IST