facebookmetapixel
बैंकिंग सेक्टर में लौट रही रफ्तार, ब्रोकरेज ने कहा- ये 5 Bank Stocks बन सकते हैं कमाई का जरियाहाई से 45% नीचे ट्रेड कर रहे Pharma Stock पर BUY रेटिंग, ब्रोकरेज ने दिया नया टारगेटखुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में दहाड़ रहा ये IPO, 9 जनवरी से हो रहा ओपन; प्राइस बैंड सिर्फ 23 रुपयेGold, Silver Price Today: चांदी ऑल टाइम हाई पर, तेज शुरुआत के बाद दबाव में सोनासरकार ने तैयार की 17 लाख करोड़ रुपये की PPP परियोजना पाइपलाइन, 852 प्रोजेक्ट शामिल₹50 लाख से कम की लग्जरी SUVs से मुकाबला करेगी महिंद्रा, जानिए XUV 7XO में क्या खासकम महंगाई का फायदा: FMCG सेक्टर में फिर से तेजी आने वाली है?CRED के कुणाल शाह ने जिस Voice-AI स्टार्टअप पर लगाया दांव, उसने जुटाए 30 लाख डॉलरकंटेनर कारोबार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, कानून में ढील का प्रस्तावसुधार नहीं है नुकसान की भरपाई करना

FPIs ने 2022 में भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड 1.2 लाख करोड़ रुपये निकाले

Last Updated- December 28, 2022 | 7:34 PM IST
Capital Market Stocks
Creative Commons license

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने 2022 में भारतीय शेयर बाजार से लगभग 1.21 लाख करोड़ रुपये निकाले। एफपीआई की यह निकासी किसी एक साल में सर्वाधिक है।

इससे पहले, एफपीआई ने लगातार तीन साल तक घरेलू शेयर बाजार में बड़ी राशि लगायी थी। इस साल निकासी का आंकड़ा 2008 में निकाले गये 53,000 करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है।

विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो की बड़ी निकासी वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों के आक्रामक रूप से नीतिगत दरों में बढ़ोतरी के बीच हुई। हालांकि वृहत आर्थिक रुख को देखते हुए 2023 में स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है।

दुनिया के विभिन्न केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक सख्ती के अलावा, अस्थिर कच्चा तेल, जिंस की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते विदेशी पूंजी की निकासी की गयी।

सैंक्टम वेल्थ में उत्पादों और समाधानों के सह-प्रमुख मनीष जेलोका ने कहा कि एफपीआई ने 2022 की पहली छमाही में जितनी राशि निकाली, उसकी अब संभावना नहीं है। इसका कारण भारत की आर्थिक वृद्धि अन्य विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक मजबूत दिख रही है।

बजाज कैपिटल के संयुक्त चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव बजाज ने कहा कि 2023 में एफपीआई का प्रवाह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर स्थिति समेत कई कारकों पर निर्भर करेगा।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने 28 दिसंबर तक भारतीय शेयर बाजार से 1.21 लाख करोड़ रुपये (लगभग 16.5 अरब डॉलर) और बॉन्ड बाजार से लगभग 16,600 करोड़ रुपये (दो अरब डॉलर) की शुद्ध निकासी की है।

एफपीआई की पूंजी निकासी के लिहाज से यह सबसे खराब वर्ष रहा। इससे पहले, उन्होंने लगातार तीन साल तक पूंजी लगायी थी।

एफपीआई ने 2021 में शेयरों में शुद्ध रूप से 25,752 करोड़ रुपये, 2020 में 1.7 लाख करोड़ रुपये और 2019 में 1.01 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इससे पहले 2018 में 33,000 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। वर्ष 2022 केवल पांचवां वर्ष होगा जब उन्होंने शुद्ध रूप से बिकवाली की। वर्ष 2011 में 27,000 करोड़ रुपये, 2008 में 53,000 करोड़ रुपये और 1998 में 740 करोड़ रुपये निकाले थे।

First Published - December 28, 2022 | 7:26 PM IST

संबंधित पोस्ट