facebookmetapixel
MCA ने कंपनी निदेशकों के KYC नियमों में दी बड़ी राहत, अब हर साल नहीं बल्कि 3 साल में एक बार करना होगा अपडेटहाइपरसर्विस के असर से ओला इलेक्ट्रिक की मांग और बाजार हिस्सेदारी में तेजी, दिसंबर में 9,020 स्कूटरों का हुआ रजिस्ट्रेशनदिसंबर 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में उछाल, TVS टॉप पर; बजाज–एथर के बीच मुकाबला तेजव्हीकल रजिस्ट्रेशन में नया रिकॉर्ड: 2025 में 2.8 करोड़ के पार बिक्री, EVs और SUV की दमदार रफ्तारEditorial: गिग कर्मियों की हड़ताल ने क्यों क्विक कॉमर्स के बिजनेस मॉडल पर खड़े किए बड़े सवालभारत का झींगा उद्योग ट्रंप शुल्क की चुनौती को बेअसर करने को तैयारभारत में राज्यों के बीच निवेश की खाई के पीछे सिर्फ गरीबी नहीं, इससे कहीं गहरे कारणमनरेगा की जगह आए ‘वीबी-जी राम जी’ पर सियासी घमासान, 2026 में भी जारी रहने के आसारबिना बिल के घर में कितना सोना रखना है कानूनी? शादी, विरासत और गिफ्ट में मिले गोल्ड पर टैक्स के नियम समझेंMotilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्स

गिफ्ट सिटी में नहीं मिला साथ, BSE ने NSE संग रद्द किया विलय का प्रस्ताव

प्रस्तावित विलय को आश्चर्य के तौर पर देखा जा रहा था क्योंकि दोनों एक्सचेंजों के बीच भारत में शेयरों के कारोबार को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है।

Last Updated- May 23, 2024 | 10:10 PM IST
IFSC में कर लाभ अब 31 मार्च 2025 तक, GIFT City में इकाइयों के रजिस्ट्रेशन में तेजी आएगी , Tax benefits in IFSC now till 31st March 2025, registration of units in GIFT City will be accelerated

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने गिफ्ट सिटी आईएफएससी में अपनी इकाई इंडिया आईएनएक्स का एनएसई आईएक्स (NSE IX) के साथ विलय रद्द कर दिया है। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। उनका कहना है कि बीएसई और एनएसई करीब एक साल से इस विलय पर बातचीत कर रहे थे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

घटनाक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘विलय से जुड़ी बातचीत आरंभिक चरण में थी। चूंकि इसमें काफी समय लग रहा था और कोई अंत भी नजर नहीं आ रहा था। इसलिए इस योजना को आगे नहीं बढ़ाने और अन्यत्र ध्यान लगाने का निर्णय लिया गया।’

बीएसई (BSE) को इस बारे में भेजे गए सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि विलय से जुड़ी बातचीत टूट गई है। एनएसई को भेजे सवालों का भी खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मिला।

प्रस्तावित विलय को आश्चर्य के तौर पर देखा जा रहा था क्योंकि दोनों एक्सचेंजों के बीच भारत में शेयरों के कारोबार को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है। हालांकि माना जा रहा है कि इस विलय के लिए सरकार और नीति निर्माताओं का दबाव आया जो चाहते थे कि नए गिफ्ट सिटी आईएफएससी में एक एकीकृत फ्रंट बने। इस कदम से दोनों एक्सचेंजों के बीच तरलता का विभाजन दूर हो सकता था।

पिछले साल इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSC) के नियामकीय अधिकारियों ने संकेत दिया था कि दोनों एक्सचेंजों के बीच विलय वित्त वर्ष 2024 में पूरा हो जाएगा। बीएसई के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक सुंदरम राममूर्ति ने पहले संकेत दिया था कि इस महीने की शुरुआत में एक्सचेंज आईएफएससी में अकेले जा सकता है।

उन्होंने इस विलय से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘हम चाहते हैं कि यह एक्सचेंज तेजी से आगे बढ़े और अच्छा प्रदर्शन करे। हां, हम इस तथ्य पर भी ध्यान दे रहे हैं कि कारोबार सुस्त पड़ रहा है। हम देश हित में हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, जिससे गिफ्ट सिटी फलता-फूलता रहे और बढ़ता रहे और अधिकांश कारोबार एक्सचेंजों में आएं। हम इससे जुड़े हुए हैं और आगे भी इसके साथ काम करते रहेंगे।’

First Published - May 23, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट