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आईपीएल प्रायोजन की होड़ में अनएकेडमी और ड्रीम11

Last Updated- December 12, 2022 | 8:22 AM IST

इस हफ्ते बैजूस को तीन वर्षों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का साझेदार चुने जाने से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मुख्य प्रायोजक की होड़ में अब केवल दो कंपनियां ही रह गई हैं।
बिज़नेस स्टैंडर्ड को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैजूस की प्रतिद्वंद्वी कंपनी अनएकेडमी और ड्रीम11 इस होड़ में शामिल हैं। पिछले साल की मुख्य प्रायोजक फैंटेसी स्पोट्र्स कंपनी ड्रीम11 इस साल के टूर्नामेंट के लिए भी होड़ में शामिल है। ड्रीम11 को 2020 में विवो के अचानक अलग हटने के बाद सिर्फ एक साल के लिए मुख्य प्रायोजक चुना गया था।
इस बीच भरोसेमंद सूत्रों से ऐसा सुनने को मिला है कि चीनी मोबाइल फोन कंपनी विवो ने भारत में चीन के प्रतिकूल भावनाएं जारी रहने की वजह से खुद को आईपीएल प्रायोजन की दौड़ से बाहर ही रखने का मन बना लिया है। वैसे इस सिलसिले में विवो की भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ बातचीत अभी जारी है।
बीसीसीआई के लिए समय कम होता जा रहा है क्योंकि आईपीएल 2021 के लिए खिलाडिय़ों की नीलामी 18 फरवरी को ही चेन्नई में होने वाली है। उस समय तक मुख्य प्रायोजक की तलाश पूरी नहीं होने पर बीसीसीआई थोड़ी असहज स्थिति में आ सकता है क्योंकि अधिकतर खेल-प्रेमी एवं हितधारक इस नीलामी पर करीबी नजर रखेंगे।
बीसीसीआई एवं विवो के बीच जारी बातचीत के केंद्र में नए प्रायोजक को सौंपे जाने वाले दायित्व हैं। शीतलपेय निर्माता कंपनी पेप्सिको इंडिया ने भी जब 2015 में अचानक ही आईपीएल का प्रायोजन छोड़ा था तो उसने भी नए प्रायोजक विवो को अपने दायित्व हस्तांतरित किए थे। विवो ने उस समय करीब 200 करोड़ रुपये में दो वर्षों के लिए आईपीएल का मुख्य प्रायोजक बनने का अधिकार हासिल किया था। फिर 2018 में वह करीब 2,200 करोड़ रुपये चुकाकर पांच वर्षों के लिए मुख्य प्रायोजक चुनी गई।
इस बीच ड्रीम11 की नजरें 2021 और 2022 दोनों ही संस्करणों के प्रायोजन अधिकार हासिल करने पर टिकी हुई हैं। जानकार सूत्रों की मानें तो उसने 2020 संस्करण के लिए बोली लगाते समय इन दोनों संस्करणों के लिए भी क्रमश: 240 करोड़ और 260 करोड़ रुपये की बोलियां लगाई थीं। उसे 2020 का प्रायोजन अधिकार 222 करोड़ रुपये में मिला था जो विवो के सालाना 440 करोड़ रुपये भुगतान से करीब आधा था।
दूसरी तरफ अनएकेडमी को पिछले साल मुख्य प्रायोजन अधिकार की होड़ से नजदीकी अंतर से बाहर होना पड़ा था। अब वह फिर से आईपीएल का मुख्य प्रायोजक बनने की होड़ में शामिल है।
संबंधित घटनाक्रम पर टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर विवो ने इनकार कर दिया जबकि अनएकेडमी एवं ड्रीम11 के प्रतिनिधियों से तत्काल संपर्क  नहीं हो पाया।
जहां तक बैजूस का सवाल है तो उसने भी 2021-22 के टूर्नामेंटों के लिए प्रायोजक बनने की होड़ में शामिल होने की बात की थी लेकिन 130 करोड़ रुपये में आईसीसी का साझेदार चुने जाने के बाद अब उसे इस मुकाबले से अलग कर दिया गया है। इस साझेदारी से शिक्षा तकनीक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बैजूस को दुनिया भर में खेले जाने वाले आईसीसी टूर्नामेंटों में अपनी मौजूदगी दर्शाने का मौका मिलेगा।
इस बीच आईपीएल के प्रसारण अधिकार रखने वाले स्टार स्पोट्र्स ने अप्रैल में शुरू होने वाले आईपीएल 2021 के लिए विज्ञापन दरों की बिक्री  शुरू कर दी है। विज्ञापन जगत की मानें तो महज कुछ महीनों पहले खेले गए आईपीएल 2020 की तुलना में नई दरें 15-20 फीसदी तक अधिक हैं। खेल प्रसारक कंपनी स्टार स्पोट्र्स ने पिछले साल भी विज्ञापन दरों में करीब 25-30 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि की थी और प्रति 10 सेकंड के एयर टाइम के लिए करीब 12-13 लाख रुपये वसूले थे। पिछले संस्करण में रिकॉर्ड 110 विज्ञापनदाताओं ने आईपीएल मैचों के दौरान अपने विज्ञापन दिखाए थे। दरअसल उस समय त्योहारी सीजन होने से कंपनियों ने ग्राहक जुटाने के लिए आईपीएल प्लेटफॉर्म का दिल खोलकर इस्तेमाल किया था।
पिछले साल कोविड महामारी की वजह से लगभग पूरे साल क्रिकेट समेत तमाम खेल आयोजन ठप रहे थे। लेकिन नए साल में धीरे-धीरे खेल टूर्नामेंट के प्रति दर्शकों का रुझान बढ़ रहा है। आईपीएल अपने रोमांच एवं खिलाडिय़ों के चलते हमेशा ही आकर्षण के केंद्र में रहा है।
इस बार एक साल के अंतराल के बाद घरेलू जमीन पर आईपीएल मुकाबले खेले जाएंगे लिहाजा ब्रांड खासी रुचि दिखा सकते हैं। स्टार इंडिया के खेल प्रमुख संजोग गुप्ता कहते हैं, ‘तमाम ऐसी मार्केटिंग कंपनियां हैं जिनके लिए गर्मियों का मौसम खासी अहमियत रखता है। वे आईपीएल के दौरान विज्ञापन करना चाहेंगे। इसके अलावा यह टूर्नामेंट छोटे एवं बड़े सभी ब्रांडों के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म बन चुका है।’

First Published - February 12, 2021 | 11:30 PM IST

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