भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की तरफ से तमिलनाडु में टीकों के असर पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि टीके की दो खुराक कोविड-19 के डेल्टा स्वरूप की वजह से आई दूसरी लहर में 95 फीसदी मौतों को रोकने में सफल रहीं। यह अध्ययन 1,17,524 पुलिसकर्मियों पर किया गया। देश में अब तक टीके की 39.4 करोड़ खुराक लग चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में औसत दैनिक टीकाकरण करीब 40 लाख खुराक प्रतिदिन है। अब तक देश की करीब 22 फीसदी आबादी को कोविड टीकों की कम से कम एक खुराक लग चुकी है।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि सरकार देश में टीकों के उत्पादन में मदद दे रही है और भविष्य का परिदृश्य आशावादी नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘अगर राज्यों के साथ समन्वय में कोई अंतर है तो हम उसे ठीक करने में सक्षम होंगे। हमारा अनुमान है कि इस महीने टीकों की उपलब्धता करीब 13 से 14 करोड़ खुराक रहेगी। इसके बारे में पहले ही राज्यों को जानकारी दे दी गई है।’