कोविड-19 से बचाव के लिए रूस में तैयार स्पूतनिक वी टीके की पहली खुराक-स्पूतनिक लाइट- 93.5 प्रतिशत तक असरदार रही है। रशियन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) ने बुधवार को यह दावा किया। इस संबंध में पराग्वे के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से आंकड़े जारी किएगए हैं। स्पूतनिक वी की पहली खुराक स्पूतनिक लाइट के नाम से जानी जाती है। स्पूूतनिक लाइट का परीक्षण 3.20 लाख लोगों पर किया गया था।
आंकड़ों में यह भी दावा किया गया है कि यह टीका लगाए जाने के बाद कोई गंभीर प्रतिकूल असर नहीं दिखा। स्पूतनिक वी अपनी दो खुराकों में एडी26 और एडी5 दो अलग-अलग वेक्टर का इस्तेमाल करता है। स्पूतनिक लाइट इस टीके (स्पूतनिक वी) की पहली खुराक है।
आरडीआईएफ ने एक बयान में कहा, ‘स्पूतनिक लाइट के साथ आरडीआईएफ ने लंबे समय तक अधिक अस्थायी प्रतिरोधी क्षमता देने में सफलता हासिल की है। इस तरह आरडीआईएफ ने स्पूतनिक वी की पहली खुराक विदेशी टीके के साथ मिलाकर इसके असर का अध्ययन करने के लिए टीका कंपनियों के साथ सहयोग करने की दिशा में सबसे पहले पहल की है।’ आरडीआईएफ ने दावा किया है कि स्पूतनिक लाइट और एस्ट्राजेनेका टीके के मिश्रण का अजरबैजान में अध्ययन के उत्साहजनक नतीजे मिले हैं और सुरक्षा मानदंडों पर भी यह प्रयोग सफल रहा है।