facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

वैज्ञानिकों ने नवंबर को लगातार छठा गर्म महीना बताया, 2023 सबसे गर्म साल रहा

वर्ष 2023 में केवल एक महीना शेष है और यह साल सबसे गर्म वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ने की ओर अग्रसर है।

Last Updated- December 06, 2023 | 3:29 PM IST
Bharat Forecast System
Representative Image

यूरोपीय जलवायु एजेंसी की गणना के अनुसार इस साल नवंबर में लगातार छठे महीने धरती पर गर्मी का नया रिकॉर्ड बना और गर्मी में रिकॉर्ड तोड़ सबसे गर्म शरद ऋतु भी शामिल रही।

वर्ष 2023 में केवल एक महीना शेष है और यह साल सबसे गर्म वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ने की ओर अग्रसर है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की कॉपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा ने बुधवार तड़के घोषणा की कि नवंबर पिछले साल के सबसे गर्म नवंबर की तुलना में लगभग एक तिहाई डिग्री सेल्सियस (0.57 डिग्री फारेनहाइट) अधिक गर्म महीना था।

वैज्ञानिकों ने कहा कि नवंबर पूर्व-औद्योगिक समय की तुलना में 1.75 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म था, जो अक्टूबर और सितंबर के बाद किसी भी महीने के लिए औसत से अधिक गर्म था। कॉपरनिकस की उपनिदेशक सामंथा बर्गेस ने कहा, ‘‘पिछला आधा साल वास्तव में चौंकाने वाला रहा है। वैज्ञानिक इसके कारण का वर्णन नहीं कर पा रहे हैं।’’

नवंबर में औसत तापमान 14.22 डिग्री सेल्सियस था, जो पिछले 30 वर्षों के औसत से 0.85 डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्म है। बर्गेस के अनुसार, महीने के दौरान दो दिन पूर्व-औद्योगिक समय की तुलना में दो डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म थे, जो पहले कभी नहीं हुआ था।

कॉपरनिकस के वैज्ञानिकों ने गणना की है कि यह साल पूर्व-औद्योगिक समय की तुलना में अब तक 1.46 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रहा है, जो कि 2016 के पिछले सबसे गर्म वर्ष की तुलना में लगभग सात डिग्री अधिक गर्म तापमान है। यह जलवायु परिवर्तन के लिए विश्व द्वारा निर्धारित अंतरराष्ट्रीय सीमा के बहुत करीब है। कॉपरनिकस की गणना के अनुसार, इस साल की उत्तरी शरद ऋतु भी दुनिया की अब तक की सबसे गर्म शरद ऋतु है।

First Published - December 6, 2023 | 3:29 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट