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मन की बात : अमृत महोत्सव जन आंदोलन बन रहा

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:10 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनाया जा रहा ‘अमृत महोत्सव’ एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है और सभी क्षेत्रों एवं समाज के हर वर्ग के लोग इससे जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 91वें संस्करण में देशवासियों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उल्लेख किया और लोगों से 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा फहराकर इस आंदोलन का हिस्सा बनने तथा 2 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अपने सोशल मीडिया खातों के प्रोफाइल फोटो में तिरंगा लगाने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘इस आंदोलन का हिस्सा बनकर आप अपने घर पर तिरंगा जरूर फहराएं या उसे अपने घर पर लगायें। तिरंगा हमें जोड़ता है, हमें देश के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करता है।’
प्रधानमंत्री ने आजादी के आंदोलन में आहूति देने वाले योद्धाओं को नमन किया और ‘अमृत महोत्सव’ अभियान के तहत देश भर में आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का जिक्र किया।

भारतीय खिलौनों का बढ़ रहा निर्यात
मोदी ने कहा कि विदेशी खिलौनों के आयात में 70 प्रतिशत तक की कमी आई है जबकि भारतीय खिलौनों का निर्यात 300 से 400 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,600 करोड़ रुपये का हो गया है। भारतीय खिलौनों को परंपरा और प्रकृति के अनुरूप बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, स्टार्टअप और उद्यमियों की बदौलत भारतीय खिलौना उद्योग ने जो सफलता हासिल की है, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने कहा कि आज जब भारतीय खिलौनों की बात होती है तो हर तरफ ‘वोकल फोर लोकल’ की गूंज सुनाई दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सब कोविड-19 महामारी के काल में हुआ है और इतना ही नहीं भारत के खिलौना क्षेत्र ने खुद को बदलकर दिखा दिया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय निर्माता अब भारतीय पौराणिक, इतिहास और संस्कृति पर आधारित खिलौने बना रहे हैं और इससे खिलौने बनाने वाले छोटे-छोटे उद्यमियों को बहुत लाभ हो रहा है खिलौनों की दुनिया में काम कर रहे सभी उद्यमियों और स्टार्ट-अप को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय खिलौनों को दुनियाभर में और अधिक लोकप्रिय बनाने के साथ ही अभिभावकों से भी अधिक से अधिक भारतीय खिलौने खरीदना का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने शहद उत्पादन के क्षेत्र में काम रहे किसानों के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि अभी इस क्षेत्र में और भी बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने युवाओं से इस क्षेत्र में बन रही नयी संभावनाओं को साकार करने का आग्रह भी किया।    

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First Published - August 1, 2022 | 12:05 AM IST

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