जेऐंडजे बच्चों पर आजमाएगी टीका!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:42 AM IST

अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन ऐंड जॉनसन (जेऐंडजे) ने भारत में कोविड-19 के अपने टीके का परीक्षण 12 से 17 साल के किशोरों पर करने की अनुमति मांगी है। कंपनी ने आज कहा कि उसने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को 17 अगस्त को आवेदन सौंपा है। इसमें कंपनी ने 12 से 17 साल के किशोरों पर अपने टीके के अध्ययन करने की अनुमति देने की मांग की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘जॉनसन ऐंड जॉनसन कोविड-19 टीके को दुनिया भर में समान रूप से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्घ है। कंपनी यह भी मानती है कि बच्चों के कोविड रोधी टीके की सख्त जरूरत है।’ 
कंपनी ने आगे कहा कि कोरोनावायरस के खिलाफ व्यापक स्तर पर प्रतिरोध क्षमता तैयार करनी है तो बच्चों पर टीके का परीक्षण करना ही होगा। जॉनसन ऐंड जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा, ‘सामुदायिक स्तर पर प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए इस वर्ग की आबादी पर कोविड-रोधी टीके का क्लीनिकल परीक्षण जारी रखना आवश्यक है। हम सभी आयु वर्ग के लोगों को अपना कोविड-19 टीका समान रूप से उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी काम करने को प्रतिबद्घ हैं।’ 

जॉनसन ऐंड जॉनसन को भारत में एक खुराक वाले टीके के सीमित आपात उपयोग की अनुमति मिल चुकी है। कंपनी ने भारत में अपने टीके के उत्पादन के लिए हैदराबाद की कंपनी बायोलॉजिकल ई के साथ साझेदारी भी की है। जॉनसन ऐंड जॉनसन के टीके के अध्ययन से पता चला है कि मध्यम से लेकर गंभीर कोविड संक्रमण में यह 66 फीसदी असरदार है। इसी तरह गंभीर संक्रमण के मामले में जेऐंडजे का टीका करीब 85 फीसदी असरदार है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कल ही आवश्वस्त किया था कि बच्चों के लिए कोविड-19 रोधी टीका बहुत जल्द उपलब्ध होगा। भारत बायोटेक 2 साल के बच्चों पर भी कोवैक्सीन का परीक्षण कर रही है। जायडस कैडिला 12 साल से ऊपर के बच्चों पर अपने परीक्षण का आंकड़ा पहले ही सौंप चुकी है। इस बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी नोवावैक्स टीके का बच्चों पर परीक्षण शुरू करने जा रही है।

First Published : August 21, 2021 | 10:26 AM IST