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पश्चिम बंगाल में खानपान की जांच के लिए प्रयोगशाला

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:45 PM IST

पश्चिम बंगाल सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के लिए राज्य में दो खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना करने का फैसला किया है।


 राज्य के कृषि और उपभोक्ता मामलों के मंत्री नरेन्द्र डे ने बंगाल नेशनल चेंबर आफ कामर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि ये प्रयोगशालाएं दार्जिलिंग के सिलीगुड़ी और हुगली के चिनसुरा में स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि चिनसुरा प्रयोगशाला उपभोक्ता प्रशिक्षिण केन्द्र की चलाएगी। इस केन्द्र का नाम नेताजी उपभोक्ता शिक्षण संस्थान होगा।


 उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षो के दौरान खुदरा कारोबार के दौरान घोखाघड़ी की घटनाओं के चलते वसूले जाने वाले जुर्माने में बढ़ोतरी हुई है। चालू वित्त वर्ष के दौरान विभाग ने इस कवायद से 6 करोड़ रुपये वसूले हैं। सरकार के सामने खाद में बालू मिलाने, पेट्रोल पंप में मिलावट और घटतौली जैसे मामले आए हैं। डे ने बताया कि सरकार ने उपभोक्ताओं को जागरुक बनाने के लिए गांव स्तर पर विद्यालयों में 200 उपभोक्ता क्लब खोलने का फैसला किया है।


 उन्होंने बताया कि विदेशी उपभोक्ता कपंनियों के आने के साथ ही बिना समुचित जानकारी के उत्पादों की बिक्री के मामले सामने आए हैं। सरकारी एजेंसियों ने इस साल उपभोक्ता विवादों के 77,447 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से करीब 72,301 मामलों का निपटारा 31 दिसंबर 2007 तक किया जा चुका था, हालांकि सिर्फ 25 प्रतिशत मामलों का ही समय पर निपटान किया जा सका है।

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First Published - March 19, 2008 | 10:18 PM IST

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