केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार डीलरों को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) का दर्जा देने पर विचार कर रही है।
इससे डीलर भी एमएसएमई को मिलने वाले लाभ के पात्र हो सकेंगे। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ और सब्सिडी पाने के लिए अपना पंजीकरण कराना होता है। पंजीकृत एमएसएमई को शुल्क सब्सिडी और कर तथा पूंजीगत सब्सिडी का लाभ मिलता है। पंजीकरण से उन्हें सरकारी ऋणदाताओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है और वे कम ब्याज दर पर आसान ऋण प्राप्त कर सकते हैं। गडकरी ने आज को कहा, ‘जहां तक एमएसएमई की बात है, अब हम डीलरों को भी एमएसएमई का दर्जा देने पर विचार कर रहे हैं। इसपर विचार चल रहा है। इससे उन्हें एमएसएमई को मिलने वाला लाभ मिल सकेगा।’ मंत्री ने एक बार फिर उद्योगों से अपील की कि वे एमएसएमई के बकाये का भुगतान समय पर करें। उन्होंने कहा, ‘हम वित्त मंत्रालय से आयकर की दृष्टि से आग्रह कर रहे हैं कि जो उद्योग प्रौद्योगिकी केंद्र, प्रशिक्षण केंद्र, अनुसंधान केंद्र बनाना चाहते हैं, क्या हम उन्हें कुछ और समर्थन देने की स्थिति में हैं। इससे उन्हें और शोध और नवोन्मेषण के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।’