शराब की डिलिवरी के क्षेत्र में उतरने के बाद फूड और ग्रोसरी प्लेटफॉर्म बिगबास्केट तथा स्विगी अन्य राज्यों में भी इसकी आपूर्ति का विस्तार करने पर विचार कर रही हैं।
इस क्षेत्र में स्विगी (बंडल टेक्नोलॉजिज) ने सबसे पहले कदम रखा और उसने पश्चिम बंगाल, ओडिशा व झारखंड में शराब की डिलिवरी शुरू की, वहीं बिगबास्केट (इनोवेटिव रिटेल कॉन्सेप्ट) को शराब की घर पर आपूर्ति शुरू करने के लिए इस महीने पश्चिम बंगाल सरकार से मंजूरी मिली है।
बिगबास्केट के सह संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी हरि मेनन ने कहा, ‘अवसर मिलने और कानूनी रूप से अनुमति होने पर हम दूसरे राज्य सरकारों के साथ भी इसके लिए साझेदारी करने पर विचार कर रहे हैं।’
इन तीन राज्यों में शराब का वितरण बहुत ही एकाधिकारवादी है जिस पर स्टेट ब्रुवरिज कॉर्पोरेशन का नियंत्रण है।
स्विगी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम अल्कोहल की ऑनलाइन प्रोसेसिंग और होम डिलिवरी के लिए अपना समर्थन देने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों के साथ चर्चा कर रहे हैं। हम इन राज्यों (पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड) में अपने कारोबारी परिचालन को बढ़ाने के साथ ही स्थानीय उत्पाद शुल्क विभाग और प्रशासन के साथ लगातार सहयोग कर रहे हैं ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोकने में मदद करते हुए परिचालन संबंधी चुनौतियों को दूर किया जा सके।’
उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़ में शराब का ऑर्डर सरकारी क्षेत्र में कार्यरत छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन की वेबसाइट और मोबाइल ऐल्पीकेशन के जरिये दिया जा सकता है। उपभोक्ताओं को ऑर्डर की आपूर्ति डिलिवरी साझेदारों के जरिये की जाती है।
तमिलनाडु में भी ऑर्डर ऑनलाइन स्वीकार किए जा रहे हैं और आपूर्ति तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरशंस के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये की जाती है। दिल्ली एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों में ऑनलाइन टोकन लेने की सुविधा शुरू की गई है। स्विगी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को इन तीन राज्यों में अच्छा कारोबार मिला है क्योंकि उपभोक्ता सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्विगी के माध्यम से ऑर्डर देने का विकल्प अपना रहे हैं।
मेनन भी इस नई पहल को लेकर उत्सुक हैं क्योंकि इसने बिगबास्केट के पोर्टफोलयो में एक और ऊंची मार्जिन वाली श्रेणी को जोड़ दिया है।जोमैटो को उसकी योजना के बारे में जानकारी देने के लिए प्रश्न भेजे गए थे जिसका कोई जवाब नहीं मिला वहीं एमेजॉन और फ्लिपकार्ट ने इस बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।