भारत में ऑक्सफर्ड के टीके का परीक्षण करने की मिली मंजूरी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 3:49 AM IST

देश के औषधि महानियंत्रक (डीसीडीआई) ने पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ  इंडिया को ऑक्सफ र्ड विश्वविद्यालय-एस्ट्रा जेनेका के कोविड-19 टीका कोविशील्ड के दूसरे और तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण करने की मंजूरी दे दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। मंत्रालय ने कहा, ‘इससे कोविड-19 के टीके के विकास में तेजी आएगी।’ बिज़नेस स्टैंडर्ड को पहले दिए गए एक साक्षात्कार में सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था, ‘हमने अपने दो केंद्रों में केवल कोविड-19 टीके की लाखों खुराक तैयार करने का काम करना तय किया है और बाकी के उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करना फि लहाल रोक दिया है।’ सीरम इंस्टीट्यूट ने पहले चरण के परीक्षण में लगभग 1,000 मरीजों का अध्ययन किया था। अगले दो चरणों में 5,000-10,000 लोगों को शामिल किया जाएगा। पूनावाला ने कहा था कि इनमें से 4,000 से अधिक लोगों के भारत से होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा था कि मुंबई और पुणे में कई जांच लायक जगहें हैं क्योंकि इन शहरों में कई ऐसे केंद्र हैं जो संक्रमण के लिहाज से काफ ी संवेदनशील हैं और इनकी वजह से टीके की प्रभावकारिता को समझने में मदद मिलेगी। हालांकि अभी टीके की कीमत तय नहीं हुई है लेकिन पूनावाला ने कहा कि वह इसकी कीमत 1,000 रुपये के भीतर ही रखेंगे।
कोविड टीका के विशेषज्ञों का मानना है कि कम से कम दो खुराक के जरिये इसका परीक्षण किए जाने की संभावना है। टीके का परीक्षण प्रयोगशाला में जानवरों पर प्री-क्लिनिकल विषाक्तता शोध के साथ शुरू होता है जिसके बाद के चरण में मानव परीक्षण शुरू होता है। इस चरण के दौरान टीके की वजह से होने वाले किसी विषाक्त प्रभाव या प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी कोई असामान्य प्रतिक्रिया की जांच भी की जाती है।
एक बार जब पहले चरण का परिणाम आ जाता है उसके बाद इसकी निगरानी पर्यवेक्षक संस्था करती है जो फि र अगले चरण के लिए मंजूरी देती है। दूसरे चरण में टीका उन लोगों को दिया जाता है जो उम्र और शारीरिक स्वास्थ्य के लिहाज से उन लोगों से मेल खाते हैं जिनके लिए नया टीका बनाया जा रहा है और फि र ऐंटीबॉडी के साथ-साथ टीके के दुष्प्रभावों का भी अध्ययन किया जाता है। तीसरे चरण में बड़ी संख्या में लोगों को टीका दिया जाता है और इसकी प्रभावकारिता और सुरक्षा के लिए खास समयावधि में निगरानी की जाती है। भारत में सोमवार को एक ही दिन में संक्रमण के 52,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई और संक्रमितों की कुल तादाद 20 लाख तक पहुंच गई। कोविड की वजह से मरने वालों की तादाद 38,135 हो गई।

First Published : August 3, 2020 | 11:37 PM IST