facebookmetapixel
Advertisement
भारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

हल्दी किसानों की 40 साल पुरानी मांग पूरी, नेशनल टर्मरिक बोर्ड का आज हुआ उद्घाटन; हल्दी निर्यात को 2030 तक $1 बिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य

Advertisement

भारत दुनिया सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। देश में 3.24 लाख हेक्टेयर में हल्दी उगाया जाता है।

Last Updated- January 14, 2025 | 2:29 PM IST

National Turmeric Board: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने मंगलवार को तेलंगाना के निजामाबाद जिले में नेशनल टर्मरिक बोर्ड का उद्घाटन किया। यह बोर्ड हल्दी किसानों के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा, जो लंबे समय से इसे लेकर इंतजार कर रहे थे। पियूष गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बोर्ड का उद्घाटन किया और इसे संक्रांति (Makar Sankranti) के शुभ अवसर पर लॉन्च करने की बात कही।

गोयल ने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्दी की उत्पादकता बढ़ाने की बहुत संभावनाएं हैं और बोर्ड इन क्षेत्रों में विकास के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड का मुख्य उद्देश्य हल्दी किसानों की भलाई, अच्छे किस्मों का विकास, और इसके निर्यात पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा।

गोयल ने यह भी कहा कि हल्दी की खेती और इसके व्यापार को बढ़ाने से न केवल निजामाबाद बल्कि उत्तर तेलंगाना के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। उन्होंने यह बताया कि पिछले दशक में निजामाबाद हल्दी का औसत दाम लगभग 6,000 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन 2024 में यह दाम बढ़कर 18,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, और यह ट्रेंड अभी भी जारी है।

40 साल से हो रही थी मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर 2023 को तेलंगाना में एक जनसभा के दौरान इस बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। यह फैसला हल्दी किसानों की 40 साल पुरानी मांग को पूरा करता है, जो एक समर्पित बोर्ड की स्थापना की अपेक्षा कर रहे थे, जो हल्दी की खेती और व्यापार को बढ़ावा दे सके।

नेशनल टर्मरिक बोर्ड हल्दी किसानों को कई प्रकार की सहायता देगा, जिसमें शोध और विकास में मदद, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, निर्यात को बढ़ावा देना, और किसानों के उत्पाद के लिए बेहतर दाम सुनिश्चित करना शामिल है।

बताते चलें कि भारत दुनिया सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। देश में 3.24 लाख हेक्टेयर में हल्दी उगाया जाता है और 11.61 लाख टन उत्पादन करता है। यह हल्दी के वैश्विक उत्पादन का तीन-चौथाई से अधिक है।  भारतीय हल्दी के प्राथमिक आयातकों में बांग्लादेश, यूएई, अमेरिका और मलेशिया शामिल हैं। बोर्ड के समर्पित प्रयासों से, हल्दी का निर्यात 2030 तक 1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

इस बोर्ड के गठन से भारत को वैश्विक हल्दी बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने का मौका मिलेगा। पल्ले गंगा रेड्डी को नेशनल टर्मरिक बोर्ड का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

Advertisement
First Published - January 14, 2025 | 1:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement