facebookmetapixel
PSU Bank Stock: लंबी रेस का घोड़ा है ये सरकारी शेयर, ब्रोकरेज ने ₹150 तक के दिये टारगेटबैंकिंग सेक्टर में बदल रही हवा, मोतीलाल ओसवाल की लिस्ट में ICICI, HDFC और SBI क्यों आगे?Suzlon Energy: Wind 2.0 से ग्रोथ को लगेंगे पंख! मोतीलाल ओसवाल ने कहा- रिस्क रिवार्ड रेश्यो बेहतर; 55% रिटर्न का मौका₹12.80 से 21% फिसला वोडाफोन आइडिया का शेयर, खरीदें, होल्ड करें या बेचें?Q3 नतीजों के बाद Tata Capital पर मेहरबान ब्रोकरेज, टारगेट बढ़ाया, शेयर नई ऊंचाई परSuzlon 2.0: विंड एनर्जी से आगे विस्तार की तैयारी, EV और AI भी हो सकते हैं पूरी तरह ग्रीनटैक्स कट नहीं, लेकिन बड़ी राहत! बजट 2026 में आम आदमी को क्या मिलेगा? रिपोर्ट में 8 बड़ी बातेंRupee vs Dollar: रुपये में नहीं थम रही गिरावट, ₹91 के पार निकला; लगातार कमजोरी के पीछे क्या हैं वजहें?Metal stock: शानदार Q3 नतीजों के बाद 52 वीक हाई पर, ब्रोकरेज ने कहा- अभी और ऊपर जाएगा Gold, Silver price today: चांदी ₹3.13 लाख के पार नए ​शिखर पर, सोने ने भी बनाया रिकॉर्ड

अमेरिका में बैन हो सकती है एंट्री, वीजा भी हो जाएगा कैंसिल; ध्यान से पढ़ लें US Embassy की वॉर्निंग

US Visa Rules: यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका में इमिग्रेशन नियम सख्त हुए हैं। 20 जनवरी से 29 अप्रैल के बीच करीब 1,42,000 लोगों को अमेरिका से निकाला गया है।

Last Updated- July 17, 2025 | 12:07 PM IST
Trump

US Visa Rules: अगर आप अमेरिका में रहते है और आपके पास अमेरिकी वीजा हैं तो आपके लिए बहुत बड़ी खबर है। अमेरिकी एम्बेसी ने यूएस में रह रहे या जाने की प्लानिंग कर रहे लोगों के वार्निंग जारी की है। यूएस एम्बेसी ने कहा है कि अमेरिका में हमला, चोरी या सेंधमारी जैसे अपराध करने पर वीज़ा रद्द हो सकता है। साथ ही भविष्य में अमेरिका में एंट्री भी रोक लगाई जा सकता है।

अमेरिकन एम्बेसी ने एक्स (X) पर पोस्ट में लिखा, “अगर आप अमेरिका में हमला, चोरी या सेंधमारी करते हैं, तो यह केवल कानूनी परेशानी नहीं होगी। आपका वीज़ा रद्द हो सकता है और भविष्य में वीज़ा मिलने की एलिजिबिलिटी भी खत्म हो सकती है। अमेरिका कानून का सम्मान करता है और विदेशी नागरिकों से भी यही उम्मीद करता है।”

20 जनवरी से 29 अप्रैल के बीच 1.42 लाख लोगों को अमेरिका से निकाला गया

बता दें कि यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका में इमिग्रेशन नियम सख्त हो रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के दौरान अवैध प्रवासियों और अपराध में शामिल लोगों को देश से बाहर निकालने की कोशिशें तेज हुई थीं। यूनाइटेड नेशन हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, 20 जनवरी से 29 अप्रैल के बीच करीब 1,42,000 लोगों को अमेरिका से निकाला गया।

अमेरिकी कानून के अनुसार, चोरी और शॉपलिफ्टिंग को अलग-अलग कानूनी श्रेणियों में रखा गया है। यह चोरी की प्रकृति और कीमत पर निर्भर करता है। कबकी लार्सनी, एम्बेज़लमेंट, रॉबरी और बर्गलरी जैसे अपराधों को कानून में विस्तार से एक्सप्लेन किया गया है।

अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि अधिकतर राज्यों में दुकान मालिकों को शॉपलिफ्टिंग के संदेह में व्यक्ति को रोकने और पूछताछ करने का अधिकार होता है। कुछ राज्यों में वे सिविल केस भी कर सकते हैं। अगर चोरी गई चीज़ों की कीमत 300 डॉलर से कम है, तो यह Class A मिसडिमी़नर होता है। इसमें 2,500 डॉलर तक का जुर्माना और एक साल तक की जेल हो सकती है। अगर कीमत 300 डॉलर से ज्यादा है, तो यह Class 4 फेलनी मानी जाती है। इसमें 25,000 डॉलर तक का जुर्माना और एक से तीन साल की जेल हो सकती है।

फर्जी शादी पर भी सकती

ट्रंप प्रशासन ने फर्जी शादी कर नागरिकता लेने की कोशिशों पर भी सख्ती दिखाई थी। व्हाइट हाउस ने एक पोस्ट में एक चीनी नागरिक जियेजुन शेन के मामले का ज़िक्र किया। आरोप था कि वह इमिग्रेशन लाभ पाने के लिए नकली शादी की कोशिश कर रहा था। इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट ने शेन को डिपोर्ट कर दिया। उस पर जबरन शादी कराने की मंशा से ब्लैकमेलिंग का आरोप भी था। अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने भी कहा कि उसके अधिकारी फर्जी शादियों को पकड़ने में पूरी तरह प्रशिक्षित हैं।

First Published - July 17, 2025 | 10:34 AM IST

संबंधित पोस्ट