facebookmetapixel
Advertisement
ट्रक से हर महीने ₹4 लाख की कमाई… खर्च भी ₹4 लाख, फिर ट्रक मालिक मुनाफा कैसे बनाते हैं? समझिए गणितStock Market Today: US-ईरान तनाव से बाजार पर संकट! GIFT Nifty 100+ अंक टूटा, आज कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल?US-Iran तनाव फिर चरम पर! अमेरिका ने ईरान पर किए हमले; कच्चे तेल की कीमतों में उछालनागपुर से आई बड़ी रिपोर्ट! ट्रक, होम लोन और कारोबार को लेकर सामने आई अच्छी खबरStocks To Watch Today: HCL Tech से Adani तक, आज इन 9 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजरस्काईरूट के रॉकेट विक्रम-1 के साथ अंतरिक्ष जाएगा ‘मिशन एम्ब्रेस’, कचरा हटाने वाली तकनीक का होगा सफल परीक्षणराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस का भाजपा-संघ पर बड़ा हमला, ट्रस्ट को भंग करने की मांग कीभारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक रक्षा समझौता, $60 करोड़ में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल खरीदेगा जकार्ताकम गुणवत्ता वाले शेयरों का अत्यधिक मूल्यांकन है सबसे बड़ा जोखिम: विनय पहाड़ियाक्विक कॉमर्स में एमेजॉन और फ्लिपकार्ट की एंट्री से मचा हड़कंप, वितरकों ने FDI नियमों पर उठाए सवाल

भारतीय IT कंपनियों को लग सकता है बड़ा झटका! आउटसोर्सिंग रोकने पर विचार कर रहे ट्रंप, लॉरा लूमर का दावा

Advertisement

ट्रंप आउटसोर्सिंग रोकने और टैरिफ लगाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे भारत के IT सेक्टर, कॉल सेंटर और तकनीकी नौकरियों पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है

Last Updated- September 06, 2025 | 1:52 PM IST
Laura Loomer
फार-राइट एक्टिविस्ट लॉरा लूमर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय IT कंपनियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। फार-राइट एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने दावा किया है कि ट्रंप अमेरिकी कंपनियों को भारतीय फर्मों को काम आउटसोर्स करने से रोकने पर विचार कर रहे हैं। यह खबर भारत के लिए चिंता की बात है, क्योंकि IT सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है।  

लॉरा लूमर का बयान

लॉरा लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ट्रंप अमेरिकी IT कंपनियों को भारत को काम देने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह कदम उठाया गया तो अमेरिका में कस्टमर सर्विस कॉल करने पर अब अंग्रेजी के लिए नंबर दबाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लूमर ने इसे “मेक कॉल सेंटर्स अमेरिकन अगेन” का नारा दिया।  

Also Read: ‘हमनें भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया’, टैरिफ थोपने के बाद बोले ट्रंप, साजिश रचने का लगाया आरोप

आउटसोर्सिंग पर टैरिफ की मांग  

अमेरिकी एक्टिविस्ट जैक पोसोबिएक ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। उन्होंने सुझाव दिया कि विदेशी रिमोट वर्कर्स और आउटसोर्सिंग पर टैरिफ लगाया जाए। पोसोबिएक ने कहा कि दूसरे देशों को अमेरिका को सर्विस देने के लिए टैरिफ देना चाहिए, जैसे सामान पर लगता है। उन्होंने इसे सभी इंडस्ट्रीज पर लागू करने की बात कही। व्हाइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने भी पोसोबिएक के इस बयान का समर्थन किया। नवारो ने X पर लिखा कि भारत जैसे देशों को आउटसोर्सिंग से अमेरिकी कामगारों की मजदूरी और नौकरियों पर असर पड़ता है।  

भारत पर पहले से ही टैरिफ का दबाव

ट्रंप प्रशासन पहले ही भारत और ब्राजील जैसे देशों पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगा चुका है। अगर आउटसोर्सिंग पर भी प्रतिबंध या टैरिफ लगता है, तो भारत के IT सेक्टर को बड़ा झटका लग सकता है। इससे तकनीकी, सपोर्ट और बैकएंड जॉब्स में नौकरियों का नुकसान हो सकता है।  

मोदी-ट्रंप के रिश्तों पर चर्चा

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका रिश्तों पर ट्रंप के बयान का स्वागत किया है। मोदी ने X पर लिखा कि वे ट्रंप के सकारात्मक नजरिए की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच गहरी और रणनीतिक साझेदारी है।  

ट्रंप ने की मोदी की तारीफ

शुक्रवार को ओवल ऑफिस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके और मोदी के बीच अच्छी दोस्ती है। उन्होंने मोदी को एक शानदार प्रधानमंत्री बताया। हालांकि, उन्होंने भारत के रूस से तेल आयात पर चिंता जताई। फिर भी ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत हैं और कभी-कभी छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं। यह खबर भारत के IT सेक्टर और दोनों देशों के रिश्तों पर असर डाल सकती है।

Advertisement
First Published - September 6, 2025 | 1:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement