facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान वार्ता, क्रूड ऑयल और RBI डिविडेंड का रहेगा असर, पर क्या इस हफ्ते शेयर बाजार में दिखेगी तेजी?Upcoming IPOs This Week: इस हफ्ते ये 3 IPO कराएंगे कमाई, तीन कंपनियों की होगी लिस्टिंग भीनिवेशकों की बल्ले-बल्ले! ऑटो सेक्टर की यह मशहूर कंपनी देगी ₹150 का डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेतेल बाजार में हलचल! ब्रोकरेज ने CPCL, MRPL के शेयरों पर क्यों दी BUY रेटिंग?टॉप कंपनियों की मार्केट वैल्यू में ₹74,000 करोड़ की बढ़त, Reliance सबसे बड़ी विनरLIC मुनाफा कमाने वाली टॉप फाइनेंशियल कंपनी, कॉरपोरेट सेक्टर में Vi नंबर-1क्या अब रुपये आधारित निवेश का समय? 5 प्वाइंट में समझेंट्रंप का दावा: ईरान समझौता लगभग तय, जल्द खुल सकता है होर्मुज स्ट्रेटअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंचे, पीएम मोदी को दिया व्हाइट हाउस आने का न्योताCorporate Actions Next Week: डिविडेंड-स्प्लिट-बोनस की होगी बारिश, निवेशकों की चमकेगी किस्मत

यूक्रेन संबंधी UNGA सेशन में कश्मीर का मामला उठाने पर भारत ने की पाकिस्तान की आलोचना

Advertisement
Last Updated- February 24, 2023 | 10:57 AM IST
India Pakistan

यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में जम्मू-कश्मीर का जिक्र करने पर भारत ने पाकिस्तान की आलोचना की।

भारत ने पाकिस्तान के इस उकसावे को ‘‘अफसोसजनक’’ और ‘‘गलत जगह की गई बात’’ करार दिया तथा आतंकवादियों को पनाहगाह मुहैया कराने के पाकिस्तान के पिछले रिकॉर्ड का जिक्र किया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर प्रतीक माथुर ने कहा, ‘‘मैं आज इस मंच पर कहना चाहता हूं कि भारत इस बार पाकिस्तान के दुष्ट उकसावे का जवाब नहीं देने का विकल्प चुनता है। हमारी पाकिस्तान के प्रतिनिधि को सलाह है कि ‘उत्तर के अधिकार’ के तहत हमारे द्वारा अतीत में दिए कई जवाबों को देखें।’’

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दूत मुनीर अकरम ने आपातकालीन विशेष सत्र के दौरान यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान के दौरान अपनी बात करते हुए जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया, जिसके बाद माथुर ने बृहस्पतिवार को ‘उत्तर देने के अधिकार’ का इस्तेमाल किया।

माथुर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए जिसका आतंकवादियों को पनाह देने का पुराना रिकॉर्ड रहा है और वह बेधड़क ऐसा करता है। दो दिन की गहन वार्ता के बाद हम सभी इस बात पर सहमत हुए हैं कि शांति के मार्ग पर चलकर ही संघर्ष की स्थिति से निपटा जा सकता है। ऐसे में यह गलत समय पर की गई बात है।’’

Advertisement
First Published - February 24, 2023 | 10:57 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement