facebookmetapixel
Advertisement
कॉल और डेटा के बाद अब AI टोकन से कमाई की तैयारी में जियोसिर्फ 30 दिन का LPG स्टॉक बचा, खाड़ी में फंसे जहाजों से भारत में गैस संकट का डरगैस संकट गहराया: कतर से LNG बंद, CNG महंगी होने का खतराअब नहीं जाना पड़ेगा अलग वेबसाइट पर, इन बैंक ऐप्स से ही मिलेगी पूरी CIBIL रिपोर्टपाकिस्तान में भड़के प्रदर्शन, अमेरिका ने कराची-लाहौर से स्टाफ हटाने का दिया आदेशBusiness Loan Insurance क्यों है जरूरी? कहीं आपकी एक चूक परिवार और संपत्ति को संकट में न डाल दे!SIP Investment: ₹10,000 की मंथली एसआईपी से कितना बनेगा पैसा? 5 से 15 साल तक की पूरी कैलकुलेशन देखेंSugar Stocks: क्या आने वाली है एथेनॉल कीमतों में बढ़ोतरी? शुगर शेयरों ने लगाई दौड़दुनिया के केंद्रीय बैंक अचानक क्यों धीमे पड़ गए? जनवरी में सोना खरीद सिर्फ 5 टनखामेनेई के बाद कौन? बेटे मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारी

पाकिस्तान: निर्वाचन आयोग को पंजाब विधानसभा चुनाव की तारीख तत्काल घोषित करने का आदेश

Advertisement

अदालत ने आयोग से कहा कि वह चुनाव कार्यक्रम जारी करे

Last Updated- February 11, 2023 | 9:23 AM IST
Pakistan got a loan of 658 million dollars from Asian Development Bank

पाकिस्तान की एक अदालत ने निर्वाचन आयोग को पंजाब प्रांत के विधानसभा चुनाव की तारीख तत्काल घोषित करने का आदेश दिया है। अदालत के इस आदेश को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल(एन)) नीत सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए झटके के तौर पर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान की जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

न्यायमूर्ति जवाद हसन की अध्यक्षता वाली लाहौर उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने शुक्रवार देर रात सुनाए फैसले में कहा कि निर्वाचन आयोग विधानसभा भंग होने के 90 दिन के अंदर चुनाव कराने के लिए बाध्य है। अदालत ने आयोग से कहा कि वह चुनाव कार्यक्रम जारी करे।

उच्च न्यायालय ने पीटीआई की याचिका पर यह फैसला सुनाया है। अदालत ने शुक्रवार दोपहर बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की सरकारों ने 20 दिन से अधिक समय पहले विधानसभाएं भंग कर दी थीं। इसका मकसद संघीय सरकार पर नए सिरे से चुनाव कराने के लिए दबाव बनाना था।

पीएमएल (एन) और उसके सहयोगी दलों ने नेशनल असेंबली भंग करने और नए सिरे से चुनाव कराने की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की मांग मानने के बजाय कहा था कि अगस्त में संघीय सरकार का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही दोनों प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव भी होने चाहिए।

इसके बाद, दोनों प्रांतों के राज्यपालों ने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव कराने की तारीख तय करने से इनकार कर दिया था। संविधान के अनुसार विधानसभा भंग होने के 90 दिन के अंदर चुनाव हो जाना चाहिए।

Advertisement
First Published - February 11, 2023 | 9:23 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement