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Debt-ceiling deal: बाइडन, मैकार्थी में ऋण सीमा बढ़ाने को लेकर ‘समझौते’ पर सहमति

राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रतिनिधि सभा के स्पीकर केविन मैकार्थी के बीच शनिवार देर रात देश की वैधानिक ऋण सीमा बढ़ाने पर ‘सैद्धान्तिक सहमति’ बन गई है। दोनों संघीय खर्च को सीमित करने और अमेरिका को संभावित चूक से बचाने…

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Last Updated: मई 28, 2023 | 10:17 AM IST

राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रतिनिधि सभा के स्पीकर केविन मैकार्थी के बीच शनिवार देर रात देश की वैधानिक ऋण सीमा बढ़ाने पर ‘सैद्धान्तिक सहमति’ बन गई है। दोनों संघीय खर्च को सीमित करने और अमेरिका को संभावित चूक से बचाने के लिए ‘समझौते’ पर तैयार हो गए हैं।

हालांकि, इस समझौते तक पहुंचने के लिए जो रियायतें या शर्तें तय की गई हैं उससे डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों पक्षों के नाराज होने का खतरा है। वार्ताकारों ने रिपब्लिकन की खाद्य टिकट के प्राप्तकर्ताओं के लिए काम की बढ़ती जरूरतों पर सहमति जताई है, जिसपर डेमोक्रेट ने हंगामा खड़ा किया है।

पांच जून की समयसीमा से पहले संसद की मंजूरी के लिए दोनों पक्षों का इस समझौते पर सहमत होना जरूरी है। मैकार्थी ने कहा कि डेमोक्रेट राष्ट्रपति और रिपब्लिकन स्पीकर दोनों के बीच शनिवार शाम फोन पर बातचीत के बाद समझौते के लिए सहमति बनी है।

देश और दुनिया को बेसब्री से अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को खतरे में डालने वाले राजनीतिक गतिरोध के समाधान का इंतजार था। बाइडन ने शनिवार रात बयान में कहा, ‘‘इस करार तक पहुंचने के लिए ‘समझौता’ करना पड़ा है। इसका मतलब है कि हर किसी को वह नहीं मिलेगा जो वह चाहता है।’’

बाइडन ने इस समझौते को अमेरिका के लोगों के लिए एक अच्छी खबर बताते हुए कहा कि इससे देश एक ऐसी चूक से बच सकता है जो उसे आर्थिक मंदी में ले जा सकती थी। साथ ही समझौता नहीं होने पर सेवानिवृत्ति खाते प्रभावित होते और लाखों की संख्या में लोगों को नौकरी गंवानी पड़ती।

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