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Gen Z के लिए जॉब में सबसे जरूरी वर्क-लाइफ बैलेंस, सैलरी नहीं पहली प्राथमिकता

नौकरी डॉट कॉम के सर्वे में सामने आया कि भारत की नई पीढ़ी नौकरी चुनते समय बैलेंस्ड लाइफ, सीखने और पारदर्शिता को ज्यादा महत्व देती है

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सुरजीत दास गुप्ता   
Last Updated- January 14, 2026 | 9:55 AM IST

GenZ Work Trends: इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति भले ही 72 घंटे काम करने की बात करते हों, लेकिन भारत की Gen Z की सोच इससे बिल्कुल अलग है। एक नए सर्वे के मुताबिक Gen Z युवाओं के लिए नौकरी चुनते समय सबसे अहम चीज वर्क-लाइफ बैलेंस है। नौकरी डॉट कॉम की ओर से जारी इस सर्वे में करीब 23,000 Gen Z प्रोफेशनल्स से बात की गई। इनमें से लगभग आधे लोगों ने कहा कि नौकरी का ऑफर देखते समय वे सबसे पहले यह देखते हैं कि काम और निजी जिंदगी में संतुलन मिलेगा या नहीं।

अनुभव बढ़ने के साथ बढ़ती Work Lie Balance की मांग

सर्वे में यह भी सामने आया कि जिन Gen Z प्रोफेशनल्स को 5 से 8 साल का अनुभव है, उनमें वर्क-लाइफ बैलेंस की मांग और ज्यादा है। इस ग्रुप में करीब 60 फीसदी लोगों ने इसे अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। यह स्टडी ‘The Gen Z Work Code’ नाम से जारी की गई है। इसमें IT, बैंकिंग (BFSI), ऑटो, BPO और एजुकेशन जैसे 80 अलग-अलग सेक्टरों के युवा शामिल थे। सर्वे में शामिल लोग मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों से थे।

तारीफ से ज्यादा सीखना जरूरी

सर्वे के मुताबिक 81 फीसदी Gen Z युवाओं को सार्वजनिक या निजी तारीफ से ज्यादा सीखने और आगे बढ़ने के मौके चाहिए। वहीं 57 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके लिए करियर ग्रोथ का मतलब नई स्किल्स सीखना है, न कि सिर्फ प्रमोशन या सैलरी बढ़ना। Gen Z के लिए कंपनी की सबसे अहम वैल्यू पारदर्शिता है। करीब 65 फीसदी लोगों ने इसे सबसे जरूरी बताया। जिन युवाओं के पास 5 से 8 साल का अनुभव है, उनमें यह आंकड़ा बढ़कर 71 फीसदी हो जाता है। इसके मुकाबले डायवर्सिटी, पर्यावरण नीति और सामाजिक काम जैसी बातें उनकी प्राथमिकता में पीछे रहीं।

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Gen Z नौकरी चुनते समय क्या देखते हैं?

सर्वे के अनुसार, सैलरी के अलावा Gen Z नौकरी चुनते समय सबसे पहले वर्क-लाइफ बैलेंस, फिर स्पष्ट करियर ग्रोथ, उसके बाद कंपनी की वैल्यू और अंत में लीडरशिप स्टाइल को महत्व देती है। Gen Z के लिए करियर ग्रोथ का मतलब बदल गया है। 57 फीसदी लोग इसे नई स्किल्स सीखने से जोड़ते हैं। क्रिएटिव फील्ड्स जैसे डिजाइन और ऐडवर्टाइजिंग में यह आंकड़ा 78 फीसदी तक पहुंच जाता है।सिर्फ 21 फीसदी लोग सैलरी बढ़ने को ग्रोथ मानते हैं और केवल 12 फीसदी प्रमोशन को सबसे जरूरी मानते हैं।

ग्रोथ नहीं मिली तो छोड़ देंगे नौकरी

अगर नौकरी में आगे बढ़ने के मौके नहीं मिलते, तो 14 फीसदी Gen Z एक साल के अंदर नौकरी छोड़ सकते हैं। वहीं 37 फीसदी दो से तीन साल में कंपनी बदलने को तैयार हैं। हालांकि ज्यादा सैलरी वाले युवा ज्यादा समय तक कंपनी में टिकते हैं। जिनकी सालाना कमाई 15–25 लाख रुपये है, उनमें 56 फीसदी लोग 5 साल तक कंपनी में रहने को तैयार हैं।

ऑफिस में तनाव की सबसे बड़ी वजह

सर्वे में यह भी पूछा गया कि ऑफिस में सबसे ज्यादा तनाव किस बात से होता है। 36 फीसदी लोगों ने वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी को सबसे बड़ा तनाव बताया। 31 फीसदी ने करियर ग्रोथ न मिलने को, 19 फीसदी ने टॉक्सिक सहकर्मियों को, और 16 फीसदी ने माइक्रोमैनेज करने वाले बॉस को तनाव की वजह बताया।

First Published : January 14, 2026 | 9:55 AM IST