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वर्क फ्रॉम होम को अलविदा: कर्मियों को दफ्तर बुलाने पर आईटी कंपनियों का जोर

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई के दौर में धीमी वृद्धि का माहौल और परियोजनाओं का जीवन चक्र छोटा होने से कंपनियां ऑफिस में उपस्थिति और ग्राहकों के करीब रहने पर जोर दे रही हैं

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अविक दास   
Last Updated- January 07, 2026 | 10:20 PM IST

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने कर्मचारियों को दफ्तर बुलाने पर जोर दे रही हैं। आईटी क्षेत्र की ज्यादातर कंपनियां अब कामकाज में महामारी से पहले के तरीकों पर लौट रही हैं और धीरे-धीरे दफ्तर से काम करने के सख्त नियमों को लागू कर रही हैं। हाल ही में विप्रो ने अपने कर्मचारियों से कहा है उन्हें कम से कम 6 घंटे दफ्तर से काम करना होगा। हालांकि ऐसे कर्मचारियों को हफ्ते में तीन दिन ही ऑफिस आना अनिवार्य किया गया है। नए नियमों में यह भी कहा गया है कि यदि अनिवार्य 6 घंटे पूरे नहीं होते हैं तो आधे दिन की छुट्टी काट ली जाएगी।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वर्ष 2024 से ही घर से काम करने की सुविधा (वर्क फ्रॉम होम) बंद कर दी है और कर्मचारियों को दफ्तर आना अनिवार्य कर दिया। इतना ही नहीं कंपनी ने तिमाही वेरिएबल पे को उपस्थिति से जोड़ दिया है।

दूसरी ओर, इन्फोसिस ने पिछले साल से लेवल 5 से ऊपर के कर्मचारियों को महीने में अनिवार्य रूप से 10 दिन ऑफिस से काम करने का आदेश दिया है। एचसीएल टेक के कर्मचारी भी ऑफिस से काम कर रहे हैं मगर उसने कोई सख्त निर्देश जारी नहीं किया है।

एचसीएल टेक में ई4 श्रेणी के कर्मचारियों को सप्ताह में एक बार दफ्तर आना होता है और ई5 तथा उससे ऊपर के कर्मचारियों को सप्ताह में 3 बार ऑफिस से काम करना होता है। मगर दफ्तर में बिताए जाने वाले समय के लिए कोई नियम नहीं हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में धीमी वृद्धि का माहौल और परियोजनाओं का जीवन चक्र छोटा होने से कंपनियां ऑफिस में उपस्थिति और अपने ग्राहकों के करीब रहने पर दोगुना जोर दे रही हैं।

टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा ने कहा, ‘सेवा क्षेत्र की अधिकतर कंपनियां अपने कर्मचारियों को दफ्तरों से काम करने के लिए कह रही हैं और वे कर्मचारियों के दफ्तर में बिताए घंटों पर भी नजर रख रही हैं।’ उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को दफ्तर बुलाना गलत नहीं है क्योंकि कई मामलों में देखा गया है कि कर्मचारी काफी कम समय के लिए ऑफिस आते हैं यानी आते तो हैं लेकिन जल्द ही वहां से निकल लेते हैं।

कोविड महामारी के दौरान और उसके बाद इन कंपनियों ने रिमोट वर्किंग यानी घर से काम करने का समर्थन किया था। कुछ वर्षों के बाद जब चीजें सामान्य हो गईं और उन्हें एहसास हुआ कि सहयोग और दक्षता वांछित स्तर पर नहीं है, तो वे वर्क फ्रॉम होम के विचार से पीछे हटने लगीं। यूक्रेन में युद्ध, उच्च मुद्रास्फीति, आपूर्ति श्रृंखला में अड़चन और पिछले साल शुल्क संकट के साथ दुनिया में लंबे समय तक चलने वाली व्यापक आर्थिक अनिश्चितता की अवधि में प्रवेश करने के कारण भी कंपनियों के रुख में बदलाव आया है।

अमेरिका के बैंकों ने कुछ समय पहले पूरा काम ऑफिस से करना शुरू कर दिया था। लेकिन वहां आईटी कंपनियां थोड़ा सतर्कता बरत रही हैं। उदाहरण के लिए माइक्रोसॉफ्ट एक नई नीति लागू कर रही है जिसके तहत कर्मचारियों को अगले महीने से सप्ताह में कम से कम तीन दिन ऑफिस आना होगा।

कॉग्निजेंट ने वर्कफोर्स मैनेजमेंट टूल प्रोहेंस पर चुनिंदा अधिकारियों को प्रशिक्षित करना भी शुरू कर दिया है। यह टूल इस बात पर नजर रखता है कि कर्मचारी अपने सिस्टम पर कितने समय तक सक्रिय रहते हैं और यह काम के घंटों के दौरान उपयोग किए जाने वाले ऐप्लिकेशन और वेबसाइटों पर भी नजर रखता है।

First Published : January 7, 2026 | 10:11 PM IST