उत्तर प्रदेश

योगी की जापान यात्रा में मिला ₹11,000 करोड़ का निवेश, कृषि, ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में हुए MoU

बयान के अनुसार इन कंपनियों के बीच सहयोग से मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक और उन्नत उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा

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भाषा   
Last Updated- February 25, 2026 | 10:37 PM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा के पहले दिन बुधवार को विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ करीब 11 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में जारी बयान के मुताबिक इन जापानी कंपनियों में कुबोता कॉरपोरेशन, मिंडा कॉरपोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, नागासे ऐंड कंपनी लिमिटेड, सीको एडवांस, ओएंडओ ग्रुप, फूजी जैपनीज जेवी और फूजीसिल्वरटेक कंक्रीट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। 

बयान के अनुसार ये समझौते कृषि यंत्र विनिर्माण, औद्योगिक मशीनरी विनिर्माण, जल व पर्यावरण अवसंरचना समाधान, मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक, औद्योगिक प्रिंटिंग एवं ग्राफिक्स, आतिथ्य एवं रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं। इससे विनिर्माण क्षमता के विस्तार और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसमें कहा गया कि कुबोता कॉरपोरेशन जापान की एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी है और यह कृषि एवं औद्योगिक मशीनरी विनिर्माण में वैश्विक पहचान रखती है। वहीं मिंडा कॉरपोरेशन मोटर वाहन कलपुर्जे विनिर्माण में अग्रणी है जो मैक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग हार्नेस, प्लास्टिक इंटीरियर, सेंसर और ईवी समाधान उपलब्ध कराती है। 

अधिकारियों के मुताबिक जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री मोटर वाहन एवं वैमानिकी क्षेत्र के लिए एडवांस कनेक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस समाधान में विशेषज्ञता रखती है। वहीं नागासे ऐंड कंपनी लिमिटेड केमिकल्स, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। 

बयान के अनुसार इन कंपनियों के बीच सहयोग से मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक और उन्नत उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। सीको एडवांस उच्च प्रदर्शन स्क्रीन प्रिंटिंग इंक और कोटिंग सॉल्यूशंस के लिए पहचानी जाती है। इंडस्ट्रियल ग्राफिक्स, इलेक्ट्रॉनिक पैनल, ग्लास प्रिंटिंग आदि इसके उत्पाद हैं। वहीं ओ ऐंड ओ ग्रुप ने आतिथ्य और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को हस्ताक्षरित समझौतों से द्विपक्षीय औद्योगिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

First Published : February 25, 2026 | 10:37 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)