उत्तर प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम इसी साल शुरू कर दिया जाएगा। प्रदेश के सबसे लंबे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) का काम इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा।
प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने सभी नए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे व लिंक एक्सप्रेसवे का शिलान्यास इसी साल अक्टूबर तक कराए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे के साथ ही प्रस्तावित चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का शिलान्यास अक्टूबर में करा लिया जाए।
लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का संपर्क पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से हो जाएगा जबकि फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जुड़ जाएगा। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस वाया बुलन्दशहर जुड़ेगा।
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में मंत्री नन्दी ने निर्माणाधीन मेरठ से प्रयागराज तक उत्तर प्रदेश के सबसे लम्बे गंगा एक्सप्रेसवे के बचे हुए कार्य को जल्दी पूरा कराने एवं प्रस्तावित सभी नए एक्सप्रेसवे का हर हाल में अक्टूबर 2026 तक शिलान्यास कराने के निर्देश दिए।
मंत्री नन्दी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति एवं कार्य पूर्ण होने के साथ ही लोकार्पण की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि 594 किलोमीटर लम्बे प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वाहनों का अवागमन शुरू होने के पूर्व अब सुरक्षात्मक उपायों पर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे के किनारे अभी तक खम्भे लगा कर लोहे के तारों से फेंसिंग कराई गई है। जिसकी वजह से आस-पास के गांवों के लोग तारों को काट कर रास्ता बना लेते हैं। स्थानीय लोग तो आवागमन करते ही हैं, जानवर भी सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना की सम्भावना बढ़ जाती है। इस तरह की मनमानी को रोकने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे पर पक्का बाउण्ड्री वाल एवं मेटल बीम क्रैश बैरियर का निर्माण कराया जा रहा है। ताकि सुरक्षित तरीके से वाहनों का अवागमन हो सके। अधिकारियों ने बताया कि 295 किलोमीटर मार्ग पर बाउण्ड्रीवाल और मेटल बीम क्रैश बैरियर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। यह कार्य पूरा होते ही गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कराया जाएगा।