facebookmetapixel
Advertisement
Bajaj Finserv AMC ने उतारा लो ड्यूरेशन फंड, ₹1,000 से SIP शुरू; किसे करना चाहिए निवेशExplainer: सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत सैलरी-पेंशन पर मांगे गए सुझाव, आपके लिए इसमें क्या है?डीमैट म्युचुअल फंड निवेश होगा आसान: SWP-STP के लिए SEBI की नई सुविधा से बदलेगा खेलपर्सनल लोन से पाना चाहते हैं जल्दी छुटकारा? जोश में न लें फैसला, पहले समझें यह जरूरी गणितAI की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ेगी TCS: चंद्रशेखरन बोले– मौका बड़ा, आत्ममंथन के साथ नई तैयारी जरूरीटाटा मोटर्स PV ने तमिलनाडु प्लांट से शुरू किया प्रोडक्शन, ₹9,000 करोड़ का करेगी निवेशइनकम टैक्स के नए ड्राफ्ट नियम जारी: जानें अब ITR फॉर्म 1 से 7 में आपके लिए क्या-क्या बदल जाएगाUP Budget Session 2026: राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा का भारी हंगामा, लगे ‘गो बैक’ के नारेMirae Asset ने उतारा Nifty Metal ETF FoF, ₹5,000 से मेटल और माइनिंग सेक्टर में निवेश का मौकाUP Economic Survey 26: ₹36 लाख करोड़ की होगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कर्ज घटा व निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

अब AI करेगा UP के औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा, UPSIDA और IIT कानपुर के बीच समझौता; होगी रीयल-टाइम निगरानी

Advertisement

इस करार का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों को लागू करना है, जिससे सुरक्षा, निगरानी, संचालन और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जा सके।

Last Updated- April 06, 2025 | 7:13 PM IST
IndiaAI Mission
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pixabay

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों की देखरेख और सुरक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगी। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के रख-रखाव को बेहतर किए जाने व सुरक्षा चाक-चौबंद करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर के साथ करार किया है। UPSIDA और IIT कानपुर के AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस करार का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों को लागू करना है, जिससे सुरक्षा, निगरानी, संचालन और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जा सके।

UPSIDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मयूर महेश्वरी के मुताबिक इस समझौते से औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और मजबूत होगी। AI आधारित निगरानी प्रणाली और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम से रीयल-टाइम डेटा का विश्लेषण होगा, जिससे संभावित खतरों की पहचान कर सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। AI से औद्योगिक क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी और रखरखाव में सुधार होगा। करार के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर की भविष्यसूचक निगरानी के लिए आईओटी सेंसर और AI तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे संभावित खराबियों का पहले ही पता चल सकेगा। इतना ही नहीं बल्कि डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया भी आसान होगी। मशीन लर्निंग मॉडल्स के जरिए औद्योगिक क्षेत्रों के डेटा का गहन विश्लेषण किया जाएगा, जिससे संसाधनों का उचित उपयोग, परिचालन सुधार और रणनीतिक योजना बनाने में मदद मिलेगी।

UPSIDA अधिकारियों ने बताया कि IIT कानपुर से हुए करार के लागू होने के बाद प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों की परिचालन दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि होगी। AI तकनीकों के माध्यम से स्वचालित प्रक्रियाओं को अपनाया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा प्रबंधन और आपूर्ति श्रृंखला संचालन को और अधिक कुशल बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही AI की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो सकेगा। UPSIDA औद्योगिक क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सतत विनिर्माण तकनीकों को बढ़ावा देगा, जिससे स्मार्ट ग्रिड, कचरा प्रबंधन और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 

UPSIDA के CEO ने कहा कि समझौते के चलते न केवल स्मार्ट और सुरक्षित औद्योगिक क्षेत्र तैयार होंगे बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालन और रखरखाव में सुधार होगा। साथ ही डिजिटलीकरण को गति मिलेगी। मयूर महेश्वरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके हम उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। IIT कानपुर के साथ यह सहयोग हमारे औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में नवाचार और डिजिटलीकरण को नई गति देगा।

Advertisement
First Published - April 6, 2025 | 6:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement