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‘पंजाब में जगह की कमी नहीं’: केंद्र ने धान भंडारण की चिंताओं को खारिज किया

मंत्रालय ने भंडारण क्षमता और आवाजाही की साप्ताहिक निगरानी के लिए एफसीआई की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है।

Last Updated- October 27, 2024 | 7:56 PM IST
No special relaxation for any state in paddy procurement norms, government's strict stance on Punjab's demand धान खरीद मानदंडोें में किसी राज्य को विशेष छूट नहीं, पंजाब की मांग पर सरकार का सख्त रुख

केंद्र ने रविवार को उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि पंजाब में भंडारण जगह की कमी के कारण धान खरीद प्रभावित हो रही है। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को भरोसा दिया कि पर्याप्त भंडारण स्थान बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने भंडारण जगह की कमी संबंधी खबरों को खारिज करते हुए इसे निहित स्वार्थों के कारण फैलाई गई गलत सूचना करार दिया। जोशी ने खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की चेयरमैन वनिता रतन शर्मा के साथ मीडिया से बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि जगह बनाना हमारी जिम्मेदारी है। हम इसका ध्यान रखेंगे।’’ उन्होंने कहा कि राज्य में इस समय 14 लाख टन भंडारण क्षमता है, जो एक नवंबर तक बढ़कर 16 लाख टन हो जाएगी।

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निजी उद्यमी गारंटी (पीईजी) योजना के तहत अतिरिक्त 31 लाख टन क्षमता विकसित की जा रही है। मंत्री ने बताया कि 3,800 मिल वालों ने धान उठाने के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 3,250 को चावल बनाने के लिए भंडार आवंटित किया जा चुका है।

सरकार ने 9,819.88 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिसमें से 7,641 करोड़ रुपये किसानों तक पहुंच चुके हैं। मंत्रालय ने भंडारण क्षमता और आवाजाही की साप्ताहिक निगरानी के लिए एफसीआई की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है।

First Published - October 27, 2024 | 7:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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