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‘Smile please’: ‘प्रज्ञान’ रोवर ने चंद्र सतह पर ‘विक्रम’ लैंडर की तस्वीर खींची

Chandrayaan-3 मिशन के तीन उद्देश्यों में से दो उद्देश्य- चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित ‘सॉफ्ट लैंडिंग’, और चंद्र सतह पर रोवर की चहलकदमी का प्रदर्शन- हासिल कर लिए गए हैं।

Last Updated- August 30, 2023 | 3:49 PM IST
'Smile please': 'Pragyan' rover captures picture of 'Vikram' lander on lunar surface

चंद्रयान-3 मिशन के ‘प्रज्ञान’ रोवर ने बुधवार को ‘विक्रम’ लैंडर की एक तस्वीर खींची। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने यह जानकारी दी। ISRO द्वारा साझा की गई तस्वीर रोवर पर लगे नेविगेशन कैमरा (नैवकैम) द्वारा ली गई है।

अंतरिक्ष एजेंसी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘स्माइल प्लीज (कृपया मुस्कराएं)। प्रज्ञान रोवर ने आज सुबह विक्रम लैंडर की तस्वीर खींची।’’ चंद्रयान-3 मिशन के लिए नैवकैम्स को ISRO की इकाई ‘इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स सिस्टम लैबोरैटरी’ (LEOS) द्वारा विकसित किया गया है।

Also read: Chandrayaan-3: ‘चेस्ट’ ने बताया चंद्रमा के साउथ पोल पर कितना है तापमान, देखिए ग्राफ

लैंडर और रोवर एक चंद्र दिवस तक कार्य करेंगे!

लैंडर और रोवर को एक चंद्र दिवस (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) तक कार्य करने के लिए विकसित किया गया है। इस सप्ताह की शुरुआत में, ISRO ने विक्रम के साथ लगे चेस्ट उपकरण का पहला अवलोकन जारी किया था। चंद्रमा की सतह के तापीय व्यवहार को समझने के लिए चेस्ट (चंद्र सफेर्स थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट) उपकरण ध्रुव के चारों ओर चंद्रमा की ऊपरी मिट्टी के तापमान प्रालेख को मापने का कार्य कर रहा है। इसमें एक नियंत्रित प्रवेश तंत्र लैस तापमान जांच प्रणाली है जो सतह के नीचे 10 सेमी की गहराई तक पहुंचने में सक्षम है। इसमें 10 तापमान सेंसर लगे हैं।

चंद्रयान-3 मिशन के तीन उद्देश्यों में से दो उद्देश्य हुए पूरे

ISRO ने एक ग्राफ तैयार किया है जो विभिन्न गहराइयों पर चंद्रमा की सतह/निकट सतह के तापमान में भिन्नता को दर्शाता है, जैसा कि पड़ताल के दौरान दर्ज किया गया। यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पहला ऐसा प्रालेख है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि विस्तृत अवलोकन जारी है। ISRO ने कहा है कि चंद्रयान-3 मिशन के तीन उद्देश्यों में से दो उद्देश्य- चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित ‘सॉफ्ट लैंडिंग’, और चंद्र सतह पर रोवर की चहलकदमी का प्रदर्शन- हासिल कर लिए गए हैं, जबकि चंद्र सतह पर वैज्ञानिक प्रयोगों से संबंधित तीसरे उद्देश्य को पूरा करने का कार्य जारी है।

First Published - August 30, 2023 | 3:49 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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