facebookmetapixel
Q3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़

Mahakumbh 2025: अखाड़े हो रहे हाई-टेक, डाटा बेस से ऑडिट और प्रबंधन में आसानी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में इस बार अखाड़े भी डिजिटल हो रहे हैं। महाकुंभ में सनातन धर्म के ध्वज वाहक 13 अखाड़े अपने-अपने अखाड़े का डेटाबेस तैयार कर रहे हैं

Last Updated- December 11, 2024 | 6:23 PM IST
More than 5000 Naga Sanyasis to be added in Akhadas this Mahakumbh. Process begins प्रयागराज महाकुंभ में 5,000 से अधिक नागा सन्यासियों की नई फौज अखाड़ों में शामिल होगी, परंपरा का हुआ भव्य शुआरंभ
Photo: kumbh.gov.in

Akhadas going digital in Mahakumbh 2025: डिजिटल युग के मौजूदा दौर में इन अखाड़ों ने भी अपने प्रबंधन में डिजिटलाइजेशन का सहयोग लेना शुरू कर दिया है। अखाड़े अपना-अपना डाटा बेस तैयार कर रहे हैं। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत जमुना पुरी के मुताबिक उनके अखाड़े में कंप्यूटर और बही खाता दोनों का इस्तेमाल हो रहा है। अखाड़े के ऑडिट में इससे मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स दाखिले के लिए जो भी रिकॉर्ड रखना होता है वह इसी डाटा बेस में रहता है। इसी से फाइल चार्टर्ड अकाउंट को शेयर कर दी जाती है।

महाकुंभ में प्रवास के लिए पहुंच चुके श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंत्री सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी बताते हैं कि महाकुंभ में हमारे अखाड़ों के ऑडिट होते हैं। उनका कहना है कि एक दौर था जब अखाड़े के प्रबंधक बही खाते से इसकी जानकारी ऑडिट के लिए देते थे लेकिन अब सबके पास गैजेट हैं। सोमेश्वरानंद कहते हैं कि उनका अखाड़ा संस्कृत विद्यालय भी चलाता है। इन विद्यालयों में छात्रों की संख्या से लेकर विद्यालय की आय-व्यय की पूरी जानकारी भी इसी डाटा बेस के माध्यम से एकत्र रखते हैं।

गौरतलब है कि सनातन धर्म के 13 अखाड़े अध्यात्म, भक्ति और साधना के प्रचारक और प्रसारक मात्र ही नहीं हैं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इनके आचार्यों द्वारा कई वैश्विक अभियान भी चलाए जा रहे हैं। आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अरुण गिरी का कहना है कि धर्म के साथ मानवता बचाने के लिए भी संत कार्य कर रहे हैं। इसी के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए वह वृक्षों को रोपित करने का अभियान चला रहे हैं जिसका डाटा बेस भी वह बनवा रहे हैं। इससे उनका समय बचता है, पारदर्शिता स्थापित होती है और प्रबंधन में भी मदद मिल रही है। उनका कहना है कि आदिवासी और वंचित समाज के साथ सनातन धर्म की निकटता स्थापित करने में डाटा बेस उपयोगी साबित होगा।

Also read: Mahakumbh 2025: AI और हाई-टेक कैमरों से होगा दुनिया का सबसे बड़ा हेडकाउंट, नया इतिहास रचने की तैयारी!

श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती कहते हैं कि अन्वेषण और विस्तार के लिए अखाड़ों को डिजिटल युग के अनुरूप ही इसे स्वीकार करना होगा। उनका कहना है कि आदिवासी समाज को जागृत कर उन्हें सनातन धर्म की परम्परा से जोड़ने की उनकी आदिवासी विकास यात्राओं का उनका अनुभव भी यही है कि वंचित समाज में सनातन धर्म की जड़ों को मजबूत करने के लिए उनकी जानकारी एकत्र कर उसका डाटा बेस तैयार करना एक आवश्यकता है।

संतो के सबसे बड़े वैष्णव अखाड़ों में भी डाटा बेस बनाने पर सहमति है लेकिन कुछ तकनीकी समस्याएं होने की वजह से इसे आने वाले समय में अमल में लाने की बात अखाड़े कह रहे हैं। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के श्री महंत राम जी दास का कहना है कि संन्यासी संप्रदाय के अखाड़ों की तरह वैष्णव अखाड़ों के पास अपने ट्रस्ट नहीं हैं। इसलिए ऑडिट की आवश्यकता उन्हें नहीं पड़ती। लेकिन यह मौजूदा डिजिटल युग में वैष्णव अखाड़ों को भी अपने अपने अखाड़ों के डाटा बेस बनाने होंगे।

First Published - December 11, 2024 | 6:23 PM IST

संबंधित पोस्ट