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विमानों की कमी से जुझ रही भारतीय वायुसेना अपने बेड़े में 10 और C-295 करेगी शामिल, सरकार कर रही है बातचीत

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भारत सरकार ने 2021 में भारतीय वायु सेना के लिए 56 C-295 विमानों की आपूर्ति के लिए 2.52 बिलियन डॉलर का सौदा किया था।

Last Updated- February 28, 2025 | 3:35 PM IST
C-295
फोटो क्रेडिट: Commons

भारत सरकार अपने वायुसेना बेड़े को बढ़ाने के लिए 10 और C-295 सैन्य परिवहन विमान खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। सरकार का प्रयास है कि पुराने बेड़े को स्वदेशी रूप से निर्मित विमानों से बदलने में तेजी लाई जाए। इस मामले की जानकारी न्यूज एजेंसी Reuters को इससे जुड़े लोगों ने दी। यह चर्चा एयरबस और भारतीय समूह टाटा ग्रुप की साझेदारी के लिए एक बड़ा फैसला है। इन दोनों ने पिछले साल पश्चिमी राज्य गुजरात में C-295 का असेंबली लाइन स्थापित किया था।

भारत सरकार ने 2021 में Indian Air Force के लिए 56 C-295 विमानों की आपूर्ति के लिए 2.52 बिलियन डॉलर का सौदा किया था और पिछले साल नौसेना और तटरक्षक बल के लिए 15 और विमानों को शुरुआती मंजूरी दी थी। अब, 2024 के ऑर्डर में 10 और विमानों को जोड़ने पर बातचीत चल रही है।

एक सूत्र ने कहा कि ये अतिरिक्त विमान भारतीय वायु सेना के लिए हैं। भारतीय वायु सेना को बड़ी संख्या में परिवहन विमानों की जरूरत है और वह लंबे समय से इन समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि जब Airbus और Tata Advanced Systems से इसके बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इसपर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं, भारत के रक्षा मंत्रालय ने भी Reuters के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

2021 में 56 विमानों की खरीद की डील के आधार पर, यदि 25 और C-295 विमानों का ऑर्डर दिया जाता है, तो इसकी अनुमानित लागत 1.1 बिलियन डॉलर हो सकती है।

आत्मनिर्भरता की ओर भारत

भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक है, लेकिन वह स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारत अपने पड़ोसी चीन की तेजी से बढ़ती सैन्य ताकत का मुकाबला करना चाहता है।

C-295 एक मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है, जो 70 सैनिकों या 8 टन कार्गो को ले जाने में सक्षम है। यह हवाई निगरानी, टोही जैसे अलग-अलग सैन्य अभियानों को अंजाम दे सकता है। Airbus ने कहा है कि भारतीय वायु सेना दुनिया में सबसे बड़ा C-295 ऑपरेटर बनने वाली है और भारत में इस विमान के सभी संरचनात्मक घटक (Structural Components) स्थानीय रूप से बनाए जा रहे हैं।

जिस स्रोत ने कहा कि अतिरिक्त ऑर्डर वायु सेना के लिए है, उसने यह भी बताया कि भारत सरकार भविष्य में और अधिक C-295 विमानों के ऑर्डर दे सकती है। वहीं, रक्षा मंत्रालय की योजनाओं से परिचित एक अन्य उद्योग सूत्र ने कहा कि नई दिल्ली 2021 में ऑर्डर किए गए 56 विमानों से अलग 75 और C-295 विमान खरीदना चाहती है। 2021 में ऑर्डर किए गए 56 विमानों में से 16 C-295 स्पेन (Spain) के एयरबस प्लांट से आएंगे, जबकि बाकी को 2031 तक भारत में एयरबस-टाटा फैक्ट्री में असेंबल किया जाएगा। संभावना है कि नए ऑर्डर किए गए C-295 विमानों का निर्माण पूरी तरह गुजरात असेंबली लाइन में ही हो, लेकिन यदि नई दिल्ली जल्दी डिलीवरी चाहती है, तो कुछ विमान स्पेन से भी आ सकते हैं।

C-295 विमान भारतीय वायु सेना के पुराने 56 Avro HS-748 विमानों की जगह लेंगे। ये विमान पहली बार 1961 में शामिल किए गए थे और कई वर्षों तक वायु सेना के ट्रांसपोर्ट बेड़े की रीढ़ रहे हैं। इस साल भारतीय वायु सेना प्रमुख ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा लड़ाकू विमानों की धीमी डिलीवरी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने उत्पादन बढ़ाने पर जोर देने और निजी कंपनियों को शामिल करने की वकालत की थी।

(Reuters के इनपुट के साथ)

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First Published - February 28, 2025 | 3:09 PM IST

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