facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

कौन होगा इस बार गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि, विदेश मंत्रालय ने किया खुलासा

Advertisement

भारत हर साल अपने गणतंत्र दिवस समारोह में शरीक होने के लिए विश्व नेताओं को आमंत्रित करता है।

Last Updated- January 16, 2025 | 5:48 PM IST
75th Republic Day in Delhi

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो 26 जनवरी को 76वें गणतंत्र दिवस समारोहों में मुख्य अतिथि होंगे। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सुबियांतो राष्ट्रपति के तौर पर 25 से 26 जनवरी तक भारत की अपनी पहली यात्रा पर होंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि एक व्यापक रणनीतिक साझेदार के रूप में इंडोनेशिया, भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और हिंद-प्रशांत के उसकी दृष्टि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो 25-26 जनवरी के दौरान भारत की राजकीय यात्रा करेंगे।’’ मंत्रालय के बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रपति प्रबोवो भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोहों में मुख्य अतिथि भी होंगे।’’ बयान के अनुसार, ‘‘भारत और इंडोनेशिया के बीच हजारों वर्षों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की आगामी यात्रा दोनों देशों के नेतृत्व को द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करने के साथ-साथ परस्पर हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगी।

भारत हर साल अपने गणतंत्र दिवस समारोह में शरीक होने के लिए विश्व नेताओं को आमंत्रित करता है। पिछले साल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गणतंत्र दिवस समारोहों में मुख्य अतिथि थे, जबकि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी 2023 के समारोहों में शामिल हुए थे।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 2021 और 2022 में गणतंत्र दिवस समारोहों में कोई मुख्य अतिथि नहीं थे। वर्ष 2020 में, ब्राजील के तत्कालीन राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो गणतंत्र दिवस समारोहों में मुख्य अतिथि थे। 2019 में, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे, वहीं 2018 में सभी 10 आसियान देशों के नेताओं ने समारोह में भाग लिया।

वर्ष 2017 में, आबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान समारोह में मुख्य अतिथि थे, वहीं 2016 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद समारोह में शरीक हुए थे। वर्ष 2015 में, अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि थे। 2014 में, जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे समारोह में मुख्य अतिथि थे। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक 2013 में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे।

गणतंत्र दिवस समारोहों में भाग ले चुके राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों में फ्रांस के निकोलस सरकोजी (2008) और जैक्स शिराक (1998) तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं। नेल्सन मंडेला 1995 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के रूप में समारोह में शामिल हुए थे।

गणतंत्र दिवस समारोहों में शामिल हुए अन्य विश्व नेताओं में 1999 में नेपाल के राजा बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव, 2003 में ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी, 2011 में इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुसीलो बामबांग युधोयोनो और 1991 में मालदीव के राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम हैं।

Advertisement
First Published - January 16, 2025 | 5:48 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement