सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि देश में पहली बार 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने एक सवाल के लिखित जवाब में लोकसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्ट-अप सहित स्थानीय उद्योग द्वारा रक्षा साजोसामान के स्वदेशी डिजाइन और उत्पादन को प्रोत्साहित किया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, भट्ट ने जवाब में कहा, ‘‘हां’’ उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास के लिए एमएसएमई और स्टार्ट-अप की भागीदारी को बढ़ावा देती है।
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उन्होंने कहा कि रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) में एमएसएमई और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
भट्ट ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सेना में मेजर और कैप्टन स्तर पर अधिकारियों की कमी है तथा उनकी रिक्तियों की संख्या करीब 6,800 है। उन्होंने हालांकि कहा कि उपलब्ध शक्ति मौजूदा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए “पर्याप्त” है।
रक्षा राज्य मंत्री से सवाल किया गया था कि क्या सेना में मेजर और कैप्टन रैंक के अधिकारियों की कमी है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘हां।’’ उनके द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार सेना में मेजर रैंक के 2,094 पद और कैप्टन रैंक के 4,734 पद खाली हैं।