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Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड में असम की झांकी में अशारिकांडी की टेराकोटा शिल्प परंपरा की झलक

झांकी के अग्रभाग में मिट्टी के दीपों के साथ एक विशाल टेराकोटा गुड़िया को केंद्रीय आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 26, 2026 | 1:10 PM IST

Republic Day 2026: पूर्वोत्तर राज्य असम ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी में प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प परंपरा का प्रदर्शन किया। राज्य की झांकी में धुबरी जिले के अशारिकांडी गांव को दर्शाया गया, जिसे भारत में पारंपरिक असमिया टेराकोटा शिल्पकारों का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध समूह माना जाता है।

झांकी में अशारिकांडी गांव की झलक

झांकी में अशारिकांडी गांव को दर्शाते हुए एक सदी से अधिक समय से पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही मिट्टी शिल्प की परंपरा को उकेरा गया। यहां के शिल्पकार परिवार सरलता, सौंदर्यबोध और गहरे सांस्कृतिक अर्थों से जुड़ी इस कला को संजोते हुए अपनी आजीविका भी सुनिश्चित करते रहे हैं।

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बांस की बाड़ से सजी थी झांकी

झांकी के अग्रभाग में मिट्टी के दीपों के साथ एक विशाल टेराकोटा गुड़िया को केंद्रीय आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया। ट्रैक्टर वाले हिस्से को बांस की बाड़ से सजाया गया था, जो असम की समृद्ध बांस विरासत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास में इसकी अहम भूमिका का प्रतीक है। झांकी का पिछला भाग ‘मयूरपंखी’ नाव के रूप में डिजाइन किया गया, जो असम की नदी-आधारित पहचान को दर्शाता है।

हिरामाटी गढ़ते दिखाए गए शिल्पकार

इसमें शिल्पकारों को हिरामाटी (मिट्टी) से देवी-देवताओं की आकृतियां गढ़ते हुए दिखाया गया, जिससे शिल्प की रचनात्मक प्रक्रिया और आध्यात्मिक भाव को उजागर किया गया। नाव के पिछले हिस्से में पारंपरिक पाल लगाया गया था, जिसने इसकी प्रामाणिकता बढ़ाई और उन ऐतिहासिक जलमार्गों की याद दिलाई, जिन्होंने असम की संस्कृति और व्यापार को पोषित किया।

झांकी के साथ पारंपरिक मेखेला चादर में महिला शिल्पकार लयबद्ध गति से चलते हुए अपने गीतों के माध्यम से अपनी मिट्टी और कृतियों पर गर्व व्यक्त कर रही थीं। उनके गीतों में उस समुदाय का आत्मविश्वास झलकता था, जिसकी विरासत-आधारित शिल्पकला अब वैश्विक पहचान हासिल कर रही है और जो आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published : January 26, 2026 | 12:19 PM IST