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वयस्कों की तुलना में कम खेल रहे बच्चे, हर सप्ताह मात्र 86 मिनट ही खेल रहे

Last Updated- March 27, 2023 | 11:58 PM IST
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सोमवार को जारी हुए एक सर्वे में बताया गया भारतीय बच्चे वयस्कों की तुलना में कम खेलते हैं। देश के पूर्वी क्षेत्र के बच्चे हर सप्ताह सर्वाधिक 125 मिनट यानी दो घंटा से थोड़ा अधिक वक्त खेलकूद में बिताते हैं। वहीं, पश्चिमी भारत के बच्चे सबसे कम 68 मिनट यानी एक घंटा से थोड़ा अधिक ही खेलते हैं।

प्यूमा-नीलसन स्पोर्ट्स सर्वे के अनुसार, भारतीय बच्चे हर सप्ताह बमुश्किल 86 मिनट खेलकूद की गतिविधियों में शामिल होते हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) 420 मिनट से अधिक खेलने के लिए कहता है। भारतीय वयस्क हर सप्ताह 101 मिनट ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं।

यह सर्वे 16 शहरों के 6 साल से लेकर 65 साल तक के 4,280 लोगों के बीच कराया गया। 6 से 18 वर्ष वालों को बच्चों की श्रेणी में रखा गया। अन्य आयु वर्ग के लोगों को वयस्क माना गया। प्यूमा इंडिया और दक्षिणपूर्व एशिया के प्रबंध निदेशक अभिषेक गांगुली ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘बच्चों की कम हिस्सेदारी के दो कारण हैं। उनके पास समय की कमी रहती है और उन्हें पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करना पड़ता है।’ 53 फीसदी बच्चों ने कहा कि समय की कमी के कारण वह खेलकूद में शामिल नहीं हो पाते हैं। वहीं, 46 फीसदी बच्चों का मानना था कि पढ़ाई पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। 

उन्होंने कहा, ‘आज लोगों का मानना है कि खेल के कारण शिक्षा से भटकाव हो जाता है और अगर बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देना है तो उन्हें खेल से दूर होना पड़ेगा। लेकिन, यह सही नहीं है। सर्वे में बताया गया कि अधिसंख्य भारतीय योगाभ्यास (37 फीसदी) पसंद करते हैं। इसके बाद 29 फीसदी लोगों को जॉगिंग और 28 फीसदी को दौड़ना (रनिंग) पसंद है। साथ ही साथ महामारी के बाद से आधे से अधिक वयस्कों ने अपनी दिनचर्या में व्यायाम आदि को शामिल कर लिया है।

 

First Published - March 27, 2023 | 11:50 PM IST

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