उत्तर गोवा का लोगों से खचाखच भरा एक नाइटक्लब शनिवार देर रात के बाद आग की लपटों में घिर गया, जिससे 25 लोगों की मौत हो गई। हादसे में छह अन्य लोग घायल हो गए। इस हादसे ने क्लब में कथित अवैध गतिविधियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने पहले कहा था कि हादसा संभवत: सिलिंडर विस्फोट से हुआ, लेकिन एक प्रत्यक्षदर्शी पर्यटक ने दावा किया कि नृत्य प्रस्तुति के दौरान आतिशबाजी की गई, जो आग लगने की असली वजह हो सकती है। पुलिस के मुताबिक मृतकों में चार पर्यटक और 14 कर्मचारी शामिल हैं, जबकि बाकी सात की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
यह हादसा पणजी से 25 किलोमीटर दूर अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में हुआ। राज्य पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि आग सिलिंडर में विस्फोट के कारण लगी थी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया था कि आग क्लब की पहली मंजिल पर लगी, जहां पर्यटक नाच रहे थे। समय रहते बाहर निकलने में कामयाब रही दिल्ली की एक पर्यटक रिया ने दावा किया कि जब नृत्य प्रस्तुति दी जा रही थी, तो हर तरफ आतिशबाजी हो रही थी। रिया के मुताबिक, ‘आग इसी आतिशबाजी के कारण लगी होगी। भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी।’ हैदराबाद की रहने वाली फातिमा शेख ने कहा, ‘आग की लपटें उठते ही अफरा-तफरी मच गई। हम बाहर की तरफ भागे, तो देखा कि पूरा क्लब आग की लपटों में घिरा हुआ था। सप्ताहांत होने की वजह से नाइट क्लब खचाखच भरा हुआ था और ‘डांस फ्लोर’ पर कम से कम 100 लोग थे।’ शेख ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ पर्यटक नीचे की ओर भागे तथा भूतल पर स्थित रसोई में चले गए। उसने कहा, ‘पर्यटक अन्य कर्मचारियों के साथ वहीं फंस गए। कई लोग क्लब से बाहर निकलने में कामयाब रहे।’ उसने यह भी बताया, ‘वहां ताड़ के पत्तों से बना एक अस्थायी ढांचा था, जिसने तेजी से आग पकड़ ली।’
नाइट क्लब संकरी गलियों में स्थित होने के कारण दमकल की गाड़ियों के लिए क्लब तक पहुंचना संभव नहीं हो सका और उनके टैंकर को घटना स्थल से लगभग 400 मीटर दूर खड़ा करना पड़ा। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संकरी गलियों के कारण घटना स्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया था, जिससे आग बुझाने में मुश्किल हुई।
इससे पहले अरपोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर ने बताया कि क्लब सौरव लूथरा संचालित करते थे, जिनका अपने साझेदार के साथ विवाद था।
रेडकर ने कहा, ‘दोनों के बीच विवाद था और उन्होंने पंचायत में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हमने परिसर का निरीक्षण किया और पाया कि उनके पास क्लब निर्माण की अनुमति नहीं थी।’ रेडकर के मुताबिक, पंचायत ने क्लब ढहाए जाने का नोटिस जारी किया था, जिस पर पंचायत निदेशालय के अधिकारियों ने रोक लगा दी थी।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को कहा कि ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ क्लब के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब के संचालन की अनुमति दी। सावंत ने कहा कि राज्य में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ऐसे समय में हुई है, जब बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। हम घटना की मजिस्ट्रेट से विस्तृत जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने घटना की जांच के लिए समिति गठित की है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘गोवा हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।’