ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो की शानदार सूचीबद्घता से स्विगी समेत कई फूडटेक कंपनियों के लिए भी आईपीओ की राह आसान होने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये कंपनियां आईपीओ लाने या आगामी वित्त पोषण की योजना बनाती हैं तो जोमैटो की सूचीबद्घता से उनके मूल्यांकन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
गुरुग्राम की कंपनी जोमैटो जिस उद्योग में परिचालन कर रही है वह अभी शुरुआती अवस्था में है। हालांकि उसकी 9,375 करोड़ रुपये की इस पेशकश को आईपीओ लाने की योजना बना रहीं अन्य फूडटेक और स्टार्टअप कंपनियों के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। जोमैटो के आईपीओ ने 2.1 लाख करोड़ रुपये मूल्य के आवेदन आकर्षित किए, क्योंकि उसे 40 गुना अभिदान मिला। शुक्रवार को यह शेयर 66 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
कंपनी का बाजार पूंजीकरण पिछले 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया था, और उसने इस संदर्भ में टाटा मोटर्स, श्री सीमेंट तथा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) जैसी कई बड़ी कंपनियों को मात दी थी।
वेंचर डेट कंपनी ब्लैकसॉइल के सह-संस्थापक एवं निदेशक अंकुर बंसल ने कहा, ‘स्विगी के नजरिये से, आपको यह समझना होगा कि वह चाहती है कि जोमैटो का शेयर बढिय़ा प्रदर्शन करे, जिससे उन्हें भी बाद में आकर्षित मल्टीपल हासिल करने में मदद मिलेगी।’
बंसल ने कहा कि जोमैटो की सूचीबद्घता का पहला दिन निवेशकों के नजरिये से कई सकारात्मक बदलावों का परिणाम है। इनमें सूचीबद्घ क्षेत्र में ऐसी परिसंपत्तियों के अनूठे प्रीमियम, मजबूत तरलता और शेयर बाजार में तेजी शामिल हैं। अन्य पहलुओं में भारतीय संदर्भ में जोमैटो के लिए मजबूत ब्रांड वैल्यू के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय सूचीबद्घ प्रतिस्पर्धियों का अच्छा प्रदर्शन शामिल है।
बंसल ने कहा, ‘जैसा कि हम सभी जानते हैं कि महामारी ने ऐसे व्यवसायों को शुरुआती दबाव के बाद मजबूती प्रदान की है। यह एक तरह से निजी बाजार मूल्यांकन के लिए एक संकेत है और इससे स्टार्टअप क्षेत्र में अच्छे सौदों के संदर्भ में मजबूती आएगी।’
विश्लेषकों का कहना है कि स्विगी के अलावा ऐसी अन्य फूडटेक कंपनियों के मूल्यांकन पर सकारात्मक असर पडऩे की संभावना है, यदि वे आईपीओ लाते या निजी पूंजी जुटाने की योजना बनाती हैं। इनमें रेबेल फूड, डनजो और ओला फूड्स शामिल हैं।
इस महीने जोमैटो की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी स्विगी ने 1.25 अरब डॉलर की कोष उगाही पूरी की। इससे बेंगलूरु की इस स्टार्टअप का मूल्यांकन 3.6 अरब डॉलर से 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5.5 अरब डॉलर हो गया।
ईवाई इंडिया में ई-कॉमर्स और कंज्यूमर इंटरनेट के प्रमुख अंकुर पाहवा ने कहा कि जोमैटो ने कारोबार के अपने पहले दिन 65 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की और इससे निवेशकों द्वारा समान व्यवसायों की स्वीकार्यता के लिए सकारात्मक धारणा पैदा हुई है। पाहवा ने कहा, ‘इस सकारात्मक धारणा से समान क्षेत्रों की अन्य कंपनियों पर असर दिखेगा। एक्सचेंज पर सूचीबद्घता और इस तरह की वृद्घि से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्र को अच्छी स्वीकार्यता मिल रही है, भले ही उसमें तेजी का सीमित इतिहास रहा है।’
प्रबंधन कंसल्टिंग फर्म प्रैक्सिस ग्लोबल अलायंस के प्रबंधन भागीदार एवं मुख्य कार्याधिकारी मधुर सिंघल ने कहा कि जोमैटो के आईपीओ से स्टार्टअप समुदाय के साथ साथ निवेशक समुदाय के भरोसे को मजबूती मिली है।
ब्रिटेन की फिनटेक कंपनी ब्रिजवीव के संस्थापक अक्षय भार्गव ने कहा कि जोमैटो के आईपीओ ने ऐसी अन्य कंपनियों के लिए नया मानक तैयार किया है।
भार्गव ने कहा, ‘जोमैटो को शानदार मूल्यांकन मिला है। और जब स्विगी भी आईपीओ लाएगी तो वह जोमैटो से तुलना पर जोर देगी।’