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स्मार्ट टॉक

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:24 PM IST

प्रश्न-भारत में प्लास्टिक के उपभोग में खपत की क्या संभावनाएं है?
भारत में प्लास्टिक के खपत की बेहतर संभावनाएं है क्योंकि अभी भारत में प्लास्टिक की खपत बहुत कम है। भारत में प्लास्टिक की प्रति व्यक्ति खपत 6 कि लोग्राम है जोकि चीन के 42 किलोग्राम प्रति व्यक्ति और विश्व औसत 28 किलोग्राम से बहुत कम है। औद्योगिक आकड़ों के मुताबिक 2007-08 में 60 लाख टन प्लास्टिक की खपत का लक्ष्य रखा गया है जोकि पांच साल में दोगुना हो सकता है अगर सरकार ने इस दिशा मे कुछ सकारात्मक कदम उठाए।
प्रश्न-प्लास्टिक की खपत कम होने के क्या कारण है?
प्लास्टिक उद्योग को सरकार उचित सहायता नही दे रही है। इसके साथ ही सरकार ने प्लास्टिक उत्पाद पर भारी अप्रत्यक्ष कर भी लगा रखा है। अगर उत्पाद कर और वैट(वैल्यू एडेड टैक्स) को मिलाकर देखा जाए यह कुल उत्पाद का 28 फीसदी बैठता है जोकि एशियान देशों के पांच से दस प्रतिशत से बहुत अधिक है। सरकार को सामान्य उत्पाद कर को आवश्यक रुप से 14 फीसदी से घटाकर आठ फीसदी के स्तर पर लाना चाहिए। प्लास्टिक पर उच्च वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) को देखते हुए सरकार को इसे घटाकर 28 फीसदी से 12 फीसदी के स्तर पर लाना चाहिए। पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर को अप्रैल 2010 तक लागू करने के निर्णय पर सरकार को विचार करना चाहिए।
प्रश्न-इस माहौल में कंपनी को कितने कारोबार की आशा है?
हमें 2009-10 में  2000 करोड़ रुपए के स्तर को पाने के  प्रति आशावान हैं और पांच सालों के भीतर हम 5000 करोड़ रुपए के व्यापार के स्तर को छू सकते है। इस साल हमें 12 से 13 फीसदी के परिचालन लाभ के साथ 1300 करोड़ के कारोबार की आशा है। अगले साल हमें 13 फीसदी के परिचालन लाभ के साथ 1700 करोड़ के कारोबार की आशा है।
प्रश्न- प्लास्टिक उद्योग में इस उच्च वृध्दि दर और बढ़ते लाभ के क्या कारण है?
हम उत्पाद को उचित यातायात प्रबंधन,क्रास लैमिनेटेड फिल्म उत्पाद,प्लास्टिक पाइपिग सिस्टम, फर्नीचर और प्रोटेक्टिव पैकेजिंग में अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं। हमारी विभिन्न स्तरों पर 2006-07 और 2008-08 के बीच 415 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है। इसके लिए हम अपने जलगांव,गाडेगांव के संयंत्रों पर 260 करोड़ रुपए का निवेश कर रहे हैं। इसमें 120 करोड़ रुपए खर्च भी कर दिये गए है और बचे हुई पूंजी का अगले 18 महीनों में निवेश किया जाएगा। इस प्रसार से बिक्र ी में 20 फीसदी का सुधार होकर 1.44 लाख टन होने की आशा है। 2008-09 में हमारे उत्पादन और बिक्री के 25 फीसदी बढ़कर 1.80 लाख टन होने की आशा है।
लाभ में वृध्दि विशेषकृत उत्पादों के जरिए होने की आशा है। इसके साथ ही करों में छूट, कच्चे माल के दामों में स्थिरता और परिचालन के खर्चो में कटौती कर के हम लाभ को बढ़ाने पर गौर कर रहे हैं। वर्तमान में 25 फीसदी लाभ बिक्री से और 45 फीसदी लाभ क्रास लैमिनेटेड प्रोडक्ट और विशेषीकृत उत्पादों के जरिए आता है। हम 2008-09 में इस हिस्से के बढ़ने की आशा है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक अनुभाग में विशेषीकृत उत्पादों पर जोर देना है।
पोलिमर के दामों में भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था मे धीमापन और नई क्षमताओं के जुड़ाव के कारण स्थिर रहने की आशा है। कच्चे माल की कीमतों मे भी धीरे-धीरे कमी आने की आशा है।
प्रश्न-कंपनी अपने प्रसार के लिए धन कहां से जुटाएगी?
हम अपने प्रसार अभियान को विनिवेश, कर्ज और आंतरिक सुधारों से पूंजी मुहैया कराऐेगे। हमनें कुछ उत्पादों मे ऐसा किया भी है। यह 2006-07 से 2008-09 के बीच 105 करोड़ रुपये बचाने में मद्द करेगा।
प्रश्न-असंगठित क्षेत्र की चुनौतियों और निर्यात में धक्के से क्या खतरे है?
हमारे उत्पादों को किसी भी प्रकार के निर्यात बाधा का सामना नही करना पड़ा है। प्लास्टिक पाइपिंग सिस्टम के अलावा हमारे किसी भी उत्पाद को असंगठित क्षेत्र के उत्पादों से प्रतियोगिता नही करना पड़ता है। हमारा पाइपिंग सिस्टम भी असंगठित क्षेत्र के सिस्टम से बेहतर है।
प्रश्न-कंपनी के अंधेरी स्थित संपत्ति पर बाजार में प्रति शेयर 65 से 70 रुपये का मूल्य लगा है। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?
हम अपने अंधेरी स्थित प्रापर्टी पर ऑफिस कॉप्लेक्स का निर्माण कर रहे है और हमारे पास करीब 270,000 वर्ग फुट की जमीन भी है। इसे हम मार्च 2009 तक पूरा कर लेंगे। कांप्लेक्स की कीमत 85 करोड़ के आसपास होगी। वर्तमान के बाजार मूल्यों के मुताबिक 16000 रुपए प्रति वर्ग और रियल एस्टेट में करों की स्थिति को देखते हुए मूल्यांकन 85 से 90 रुपये के बीच ही होना चाहिए।
 



 

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First Published - March 2, 2008 | 8:05 PM IST

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