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मुनाफे की रिंगटोन

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Last Updated- December 07, 2022 | 12:03 AM IST

पिछली तिमाही में वायरलेस कम्युनिकेशन के क्षेत्र में देश की छठी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी आइडिया सेल्यूलर के ग्राहकों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है।


देश में तेजी से बढ़ रहे टेलीकाम सेक्टर ने मार्च 2008 में एक करोड़ नए ग्राहक जोड़े। अब देश में कुल टेलीकाम ग्राहकों की संख्या 26.1 करोड़ हो गई है। इससे भारत संख्या के लिहाज से विश्व में दूसरे स्थान पर आ गया।

मार्च में आइडिया सेल्यूलर के ग्राहकों की संख्या में 10 लाख बढ़ी। इससे कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 2.5 करोड़ हो गई है। हाल-फिलहाल कंपनी देश के कुल 22 सर्किल में 11 में अपनी सेवाएं दे रही है। बाकी सर्किलों के लिए उसे लाइसेंस मिल चुके हैं और अगले एक साल में वह इन सर्किलों में भी अपनी सेवाएं शुरू कर देगी।

बढ़ते कदम

आइडिया की जारी वर्ष की तीसरी तिमाही में मुंबई, बिहार और झारखंड में अपनी वायरलेस सेवा शुरु करने जा रहा  है। उसकी 2008 की अंतिम तिमाही में तमिलनाडु और चेन्नई से अपनी मोबाइल सेवा प्रारंभ करने की योजना है।

कंपनी वर्तमान में देश के सभी सर्किल से अपनी सेवाएं नहीं दे रही है। इसके बाद भी इसकी देश के टेलीकाम बाजार में हिस्सेदारी  मार्च 2007 के 8.6 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2008 में 9.4 हो गई है। आइडिया वर्तमान में जिन सर्किल में अपनी सेवाएं दे रही है, वहां उसकी हिस्सेदारी 16.2 प्रतिशत हो गई है।

मुंबई, बिहार,झारखंड, तमिलनाडु और चेन्नई से आइडिया की सेवाएं प्रारंभ हो जाने स उसकी राष्ट्रीय हिस्सेदारी में खासी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इन सभी सर्किल में वायरलेस सेवाओं का तेजी से फैलाव हो रहा है। मुंबई में वर्तमान में 1.4 करोड़ ग्राहक हैं। इनकी संख्या 2.5 प्र्रतिशत की दर से प्रतिमाह 3.5 लाख बढ़ रही है।

बिहार सर्किल में इन ग्राहकों की संख्या 1 करोड़ है। इनमें हर माह 5 लाख का इजाफा हो रहा है।  इसी तरह तमिलनाडु और चेन्नई में टेलीकाम ग्राहकों की संख्या क्रमश: 1.8 करोड़ व 70 लाख है। इनकी संख्या क्रमश: 6 लाख व 2 लाख ग्राहक प्रतिमाह की दर से बढ़ रही है। इन सभी सर्किल में अपनी वायरलेस सेवा प्रारंभ कर आइडिया अगले पांच माहों में 17 लाख नए ग्राहक जोड़ना चाहता है। कंपनी स्पैक्ट्रम के आवंटन के बाद शेष 8 सर्किल में भी अपनी सेवाएं प्रारंभ करेगा।

पुराने बनाम नए सर्किल

आइडिया वर्तमान में जिन 11 सर्किल में अपनी वायरलेस सेवाएं दे रही है। उनमें तीन (हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश(पूर्व) व राजस्थान) में उसकी सेवाएं वित्तीय वर्ष 2007 में ही प्रारंभ हुई थी। बाकी सर्किल में कंपनी एक प्रमुख वायरलेस सेवा प्रोवाइडर है।

कंपनी ने अपने पुराने सर्किलों में मार्च में खत्म हुई तिमाही में 686 करोड़ रुपए का ऑपरेशनल लाभ अर्जित किया,लेकिन उसे नए सर्किलों में प्रति तिमाही 12 करोड़ का नुकसान हो रहा है। प्रबंधन को नए सर्किल में  वित्तीय वर्ष 2009 की पहली तिमाही में लाभ की स्थिति में आने की उम्मीद थी।

अब उसे इसी वित्तीय वर्ष की दिसंबर वाली तिमाही में यह स्थिति आने का अनुमान है। इस देरी का कारण अधिक ऑपरेटिंग खर्च है। इसमें इंडस टावर को दिए जाने वाला किराया प्रमुख है। इंडस टावर वोडाफोन और भारती के साथ आइडिया का संयुक्त उपक्रम है। इसमें उसकी हिस्सेदारी 16 प्रतिशत है।

आइडिया अपने नुकसान की भरपाई के लिए इंडस से उन क्षेत्रों में लीज पर टावर लेने की योजना बना रहा है, जहां तीनों कंपनियां अपनी सेवाएं दे रहीं है। साथ ही वह उन क्षेत्रों में स्वयं के टावर लगाएगा जहां इंडस की मौजूद नहीं है। आइडिया मुंबई की अपनी प्रस्तावित सेवाए के लिए इंडस से टावर लीज पर लेगा, वहीं बिहार में टावर बनाने या फिर लीज पर लेने का निर्णय ग्राहकों की संख्या के आधार पर लिया जाएगा।

तेजी से बढ़ता परिचालन

प्रति ग्राहक औसत मिनट बातचीत और प्रति ग्राहक औसत अर्जित राजस्व के लिहाज से आइडिया अपने प्रतिद्वंद्वी वायरलेस ऑपरेटरों से आगे है। इसका श्रेय कंपनी की लाइफटाइम वेलिडिटी कार्ड में काल्स रेट 1 रुपया प्रति मिनट करने की योजना, मार्च और दिसंबर की तिमाही में मजबूत मांग और आर्थिक वृध्दि को जाता है।

मार्च 2008 में कंपनी को प्रति ग्राहक 287 रुपये मिले जो कि  पिछली तिमाही मुकाबले 16.1 प्रतिशत अधिक रहा, जबकि औसत एक ग्राहक ने 411 मिनट बातचीत की। इसमें एक तिमाही में 9 प्रतिशत की वृध्दि हुई।

निवेश की वजह

वित्तीय वर्ष 2008 में आइडिया के राजस्व में पिछले साल के मुकाबले 50 प्रतिशत की वृध्दि हुई, जबकि पिछली तिमाही के तुलना में यह वृध्दि 15 प्रतिशत रही। इस वृध्दि का प्रमुख श्रेय हालिया तिमाही में इसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या में हुए इजाफे को जाता है।

कंपनी के मार्जिन ऑपरेटिंग लेवल पर 33 फीसदी से ज्यादा होने और नेट लेवल पर 15 फीसदी के करीब होने से इसके लाभ में तिमाही आधार पर 43 फीसदी का इजाफा देखा गया है और इस वजह से कंपनी ने मार्च को खत्म हुई तिमाही में 276 करोड़ का लाभ अर्जित किया।

आइडिया का शुध्द लाभ वित्तीय वर्ष 2008 में पिछले वित्तीय वर्ष 2007 की तुलना में दोगुना होकर 1,042 करोड़ हो गया। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2009 में 5,600 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है। यह धन वह नए सर्किल में फैलाव के लिए खर्च करेगा। इसके जरिए उसे भविष्य में अपने राजस्व में वृध्दि की उम्मीद है। कंपनी इस विस्तार के लिए धन आंतरिक संसाधनों, बकाया कर्ज और फ्यूचर केश फ्लो के जरिए जुटाएगी।

वर्तमान में कंपनी का शेयर 107 रुपए पर ट्रेडिंग कर रहा है। यह वित्तीय वर्ष 2008 में उसकी 3.96 रुपये की अर्निंग्स की तुलना में 27 गुना है। और कारोबारी साल 2010 तक यह अच्छे रिटर्न और और कमाई के बूते पर 14 गुना पर आ जाएगा।

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First Published - May 19, 2008 | 2:41 AM IST

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