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गुणवत्ता की सवारी से मजबूत हो रहा है पीएनबी

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Last Updated- December 10, 2022 | 12:21 AM IST

मंदी और परिसंपत्ति गुणवत्ता में कमी आने के कारण बैंक ऋण की दूरदर्शी कार्य प्रणालियों अपनाते हुए जोखिम प्रबंधन तौर-तरीके पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
वे सतर्क भी हो गए हैं। ऐसे हालात में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बढ़त हासिल कर ली है और वह गुणवत्ता बरकरार रख कर अपनी बाजार भागीदारी बढ़ा रहा है। इस बैंक के प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करने और इसके व्यापक शाखा नेटवर्क से इसे अपना कारोबार और बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मजबूत अग्रिम

सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक पीएनबी ने अपने अग्रिमों (ऋण पोर्टफोलियो) में पिछले चार साल में औसतन 25 फीसदी तक का इजाफा किया है। मजबूत मांग और ऋण देने के प्रति बैंक की दिलचस्पी बढ़ी है।
इस कारण उसे वित्त वर्ष 2009 की पहली छमाही में अग्रिम में 28.5 फीसदी और वित्त वर्ष 2009 की तीसरी तिमाही में 40 फीसदी का इजाफा करने का मौका मिला है। इसके अलावा ऊंची ब्याज दरों के चलते बैंक की ब्याज आय में तकरीबन 45 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है जिससे उसे फायदा मिला है।
हालांकि प्रबंधन का कहना है कि तीसरी तिमाही में बैंक के एडवांस में बढ़ोतरी सामान्य रही है। अपनी उधारी नीति को लेकर पीएनबी कुछ खास क्षेत्रों को उधारी के लिहाज से संयम बरत रहा है। उसने रिटेल के लिए उधारी में कमी की है।
वित्त वर्ष 2008 में इसके कुल ऋण में रिटेल की भागीदारी 23 फीसदी थी जो अब घट कर 19 फीसदी रह गई है। हालांकि भविष्य में पीएनबी रिटेल क्षेत्र, कृषि, कॉरपोरेट और एसएमई जैसे क्षेत्रों के अलावा शैक्षणिक और आवास ऋणों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।
जमा का सही आधार

वित्त वर्ष 2005 से 2008 के दौरान बैंक की जमाओं में शानदार 17 फीसदी का इजाफा हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की जमाओं में बढ़ोतरी (29 फीसदी) की बात करें तो तीसरी तिमाही में यह निजी बैंकों की जमाओं से कहीं अधिक रहा।
पीएनबी का जमा आधार भी पिछले रिकॉर्डों को तोड़ते हुए तेजी से बढ़ा है। वित वर्ष 2009 की पहली छमाही में यह इजाफा 24 फीसदी था जो तीसरी तिमाही में 29 फीसदी हो गया। ऊंची ब्याज दरों के परिदृश्य से संकेत मिलता है कि जमाकर्ता टर्म डिपोजिट की अवधारणा पसंद कर रहे हैं।
टर्म डिपोजिट यानी सावधि अवधि जमा में कम लागत की जमाओं की तुलना में शानदार 43 फीसदी का इजाफा हुआ है। पीएनबी के प्रबंधन को वित्त वर्ष 2009 में जमा में 25 से 26 फीसदी का इजाफा होने की संभावना दिख रही है।
अच्छा मार्जिन

भले ही कम लागत की जमाओं की हिस्सेदारी में गिरावट आई है, लेकिन पीएनबी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) पिछली कुछ तिमाहियों में बढ़ा है। हालांकि सीआरआर और एसएलआर रेशियो में कटौती ने कुछ गुंजाइश पैदा की है, लेकिन बड़े ग्राहकों को अग्रिम से मार्जिन तेजी से बढ़ा है।
बैंक बड़े जमाकर्ताओं को जमा के लिए तैयार करने की रणनीति पर बढ़-चढ़ कर अमल कर रहा है।
मजबूत नेटवर्क

पीएनबी के पास लगभग 4600 शाखाओं का व्यापक शाखा नेटवर्क है जो इसे उच्च सीएएसए जमाएं बरकरार रखने में सक्षम बनाता है। इसकी सभी शाखाएं और एक्शटेंसन काउंटर पूरी तरह स्वचालित हैं और नेटवर्क से लैस हैं।
बैंक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है। प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से न सिर्फ परिचालन लागत में कमी आती है बल्कि यह आंतरिक जोखिम प्रबंधन कार्य प्रणालियों को मजबूत बनाने में भी सहायक साबित होता है। मजबूत जोखिम प्रबंधन प्रणालियां पीएनबी को एनपीए को बेहद निचले स्तर (तीसरी तिमाही में 0.4 फीसदी) पर रखने में मददगार साबित हुई हैं।
निवेश आधार

फंड-आधारित आय में तेज इजाफे के अलावा बैंक की अन्य आय में भी तेज रफ्तार से बढ़ोतरी हुई है। तीसरी तिमाही में बैंक के खजाने में इजाफे के साथ यह आय बढ़ कर लगभग दोगुनी हो गई।

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First Published - February 8, 2009 | 9:04 PM IST

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