वित्त-बीमा

पीएफसी-सिडबी बॉन्ड मार्केट में उतारेंगे 11,500 करोड़ के इश्यू, दर कटौती से बढ़ी उम्मीदें

रीपो रेट में कटौती और बेहतर बाजार धारणा के बीच पीएफसी और सिडबी बॉन्ड मार्केट से 11,500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- December 08, 2025 | 10:32 AM IST

कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंक की कटौती के कारण तेजी के लिए तैयार है। यह कटौती भारतीय रिजर्व बैंक की ब्याज दर तय करने वाली समिति ने की थी। विशेषज्ञ के मुताबिक सरकारी पीएफसी और सिडबी मंगलवार को बॉन्ड मार्केट से 11,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहे हैं।

पीएफसी ने ऊंची कॉरपोरेट बॉन्ड यील्ड के कारण 25 नवंबर को 3000 करोड़ रुपये का तीन वर्षीय बॉन्ड जारी करने को वापस ले लिया था। कुछ जारीकर्ताओं ने नीतिगत घोषणाओं से पहले बाजार में निवेश का विकल्प चुना था। दरअसल, उन्हें उम्मीद थी कि दीर्घकालिक यील्ड स्थिर रहेगी। हालांकि कुछ ने मूल्यों में असमानता होने के कारण सौदों को रद्द कर दिया था।

नीतिगत घोषणाओं के बाद धारणा में सुधार हुआ है। हालांकि यील्ड में कोई खास नरमी नहीं आई थी। रीपो दर में कटौती और आरबीआई द्वारा खुले बाजार में निवेश (ओएमओ) और रुपये-अमेरिकी डॉलर स्वैप की घोषणा ने इस विश्वास को बढ़ाया है कि नकदी की स्थिति अनुकूल बनी रहेगी।

रॉकफोर्ड फिनकैप एलएलपी के प्रबंधकीय साझेदार व संस्थापक वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने बताया, ‘कई संगठन बॉन्ड बाजार तक तत्काल पहुंच की योजना नहीं बना रहे हैं। कई फंड लंबी अवधि के निर्गमों की योजना बना रहे हैं। इनका उद्देश्य भविष्य निधि और पेंशन निधि से राशि को आकर्षित करना है। इन फंडों में आमतौर पर इस अवधि के दौरान बड़ा प्रवाह होता है।

कुछ प्रमुख फंड नियामक और परिसंपत्ति आवंटन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पहले से ही पूंजी लगाना पसंद करते हैं।’ अक्टूबर में कंपनियों ने कॉरपोरेट बॉन्ड के जरिए 17,500 करोड़ रुपये जुटाए थे। भारती टेलीकॉम ने दो खंडों में 10,500 करोड़ रुपये जुटाए थे।

First Published : December 8, 2025 | 7:11 AM IST