भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) ने उन वित्तीय कंपनियों की पहचान शुरू कर दी है, जिन्हें वह सूक्ष्म उधारी के लिए समर्थन बढ़ाएगा। सिडबी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिव सुब्रमण्यन रमणन ने यह जानकारी दी है। बिजनेस स्टैंडर्ड के बीएफएसआई सम्मेलन में रमणन ने कहा कि लघु उद्योगों को कर्ज देने वाले सरकारी […]
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लघु वित्त बैंकों के प्रमुखों ने अपने कारोबार को लेकर उत्साह का परिचय दिया है। इन बैंकों के प्रमुखों का कहना है कि लघु बैंक निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों को आने वाले समय में कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इन बैंकों के प्रमुखों का कहना है कि लघु वित्त बैंक अपनी योजनाओं में विविधता […]
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डिजिटल भुगतान सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी पेटीएम के प्रमुख का कहना है कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को तब तक नि:शुल्क बनाए रखा जाना चाहिए जब तक कि डिजिटल स्थानांतरण रकम देने और प्राप्त करने का प्रमुख विकल्प न बन जाए। वन 97 कम्युनिकेशंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कर्याधिकारी विजय शेखर शर्मा का […]
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गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी) क्षेत्र वर्ष 2018 के आईएलऐंडएफएस संकट के बाद से सवालों के घेरे में बना हुआ है और इस उद्योग को हाल के वर्षों में अपनी कुछ बाजार भागीदारी बैंकों के हाथों गवानी पड़ी है। हालांकि उद्योग के मुख्य कार्याधिकारी भारत में एनबीएफसी की दीर्घावधि संभावनाओं को लेकर विश्वस्त बने हुए हैं। […]
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व चेयरपर्सन एम दामोदरन का कहना है कि नियामक क्षमता, अति सक्रियता और अत्यधिक निर्देश वित्तीय क्षेत्र के सामने वे सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, जिनका सामना वित्तीय क्षेत्र को करना पड़ रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई समिट में बुधवार को दामोदरन ने वित्तीय क्षेत्र में नियमों में सरलता, […]
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ऐसे वक्त में जब कर्ज की मांग, जमा में वृद्धि के मुकाबले बढ़ रही है, बैंकों को अपनी देनदारियों के प्रबंधन में अधिक आक्रामक रणनीति जरूर अपनानी चाहिए। बिज़नेस स्टैंडर्ड के बीएफएसआई इनसाइट समिट में शिरकत करने वाले कई निजी बैंकों के शीर्ष अधिकारियों ने यह बात कही। ऐक्सिस बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) […]
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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकरों ने ऋण वृद्धि की गति में भरोसा जताते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय ने विस्तार करने का एक आधार दिया है। उनका कहना था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण बिना किसी जल्दबाजी के निवेशकों के व्यापक आधार के लिए सरकार की हिस्सेदारी का विनिवेश करके […]
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नियामकीय दायरे से बाहर गैर-बैंकिंग इकाइयां उन मानकों और दिशा-निर्देशों के दायरे में शामिल नहीं हैं जो बैंकों से जुड़े हुए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर टी रबि शंकर ने बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में कहा कि बैंकिंग सेवा मुहैया कराने वाली इकाई बैंकों के समान नियमों के दायरे में आनी […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि वर्ष 2024 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए मौद्रिक नीति तय नहीं की जा रही है। दास ने एक बार फिर दोहराया कि आरबीआई का ध्यान महंगाई नियंत्रित करने पर रहता है। दास ने बिजनेस स्टैंडर्ड, बीएफएसआई समिट में कहा, ‘मेरे लिए […]
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ऋण और जमा वृद्धि के बीच व्यापक अंतर इनके संबंधित आधार (बेस इफेक्ट) की वजह से हैं और उच्च ऋण वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांत को दर्शाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट (BFSI Summit) में आज ये बातें कहीं। कार्यक्रम के दौरान बातचीत में […]
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