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नियम अनुपालन की समीक्षा करेगा MFIN

माइक्रोफाइनैंस सेक्टर का स्व नियामक संगठन माइक्रो फाइनैंस इंडस्ट्री नेटवर्क (एमएफआईएन) अपने सदस्यों द्वारा नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगा, जिसमें प्रति उधारकर्ता ऋणदाताओं की संख्या 4 तक सीमित करने तथा माइक्रोफाइनैंस से कुल ऋण की सीमा 2 लाख रुपये…

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Last Updated: अक्टूबर 8, 2024 | 11:08 PM IST

माइक्रोफाइनैंस सेक्टर का स्व नियामक संगठन माइक्रो फाइनैंस इंडस्ट्री नेटवर्क (एमएफआईएन) अपने सदस्यों द्वारा नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगा, जिसमें प्रति उधारकर्ता ऋणदाताओं की संख्या 4 तक सीमित करने तथा माइक्रोफाइनैंस से कुल ऋण की सीमा 2 लाख रुपये तक सीमित करने के मानदंड शामिल हैं।

यह कवायद नवंबर 2024 में पूरी होगी। एमएफआईएन के मुख्य कार्याधिकारी और निदेशक आलोक मिश्रा ने कहा कि संगठन क्रेडिट सूचना कंपनियों से मिले आंकड़ों के आधार पर अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करेगा। यह समीक्षा जुलाई से सितंबर के दौरान होगी।

इस समय उधारी देने वालों को रिजर्व बैंक के उन नियमों का पालन करना होता है, जिसमें आमदनी का 50 प्रतिशत ऋण भुगतान की सीमा तय की गई है। जुलाई 2024 में एमएफआईएन के सदस्यों ने प्रक्रिया को मजबूत करने और उधारी लेने वालों का संरक्षण बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपाय पेश किए जाने पर सहमति जताई थी।

एमएफआईएन ने कहा था कि करीब 80 प्रतिशत कर्ज की अवधि 1.5 साल या इससे अधिक है, ऐसे में 2 लाख की सीमा का मतलब यह हुआ कि पुनर्भुगतान की बाध्यता अनुमति प्राप्त नियामक सीमा की तुलना में बहुत कम है।

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