facebookmetapixel
32% तक की तेजी दिखा सकते हैं ये 5 शेयर, ब्रोकरेज की सलाह- BUY करेंVi को मिली संजीवनी! AGR पेमेंट कई सालों के लिए टला, सालाना ₹124 करोड़ ही देने होंगे, शेयर में उछालAuto Stock पर मोतीलाल ओसवाल बुलिश, कहा- लॉन्च पाइपलाइन मजबूत, BUY का मौकाराइट्स इश्यू में आखिरी मौका! लॉयड्स एंटरप्राइजेज ने तय की कॉल मनी की तारीखGold Silver Price Today: सोना हुआ महंगा, चांदी की कीमतों में भी तेजी; चेक करें ताजा दामनीलाम खदानों पर सख्ती! 3 साल की मोहलत खत्म करने की तैयारी में सरकारएआई ने बदल दिया नौकरी बाजार, पेशेवर तैयार नहींसड़क हादसे में घायल को मिलेगा ₹1.5 लाख तक फ्री इलाज, मोदी सरकार की बड़ी तैयारीUS टैरिफ से परेशान निर्यात सेक्टर, RBI सोच रहा है नया सपोर्ट प्लानअमेरिका अंतरराष्ट्रीय सोलर गठबंधन से हटा, जुड़ा रहेगा भारत

जीवन बीमा बिक्री के नए चैनलों में तेजी

Last Updated- December 11, 2022 | 4:25 AM IST

लगता है कि पारंपरिक व्यक्तिगत एजेंसी चैनल नए चैंनलों जैसे कॉर्पोरेट एजेंसी और डायरेक्ट सेलिंग का मार्ग प्रशस्त कर रहा है जिसमें हाल के दिनों में तेजी आई है।
बीमा नियामक एवं विकास प्रधिकरण (इरडा) की 2007-08 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार बैंकएश्योरेंस चैनल, जिसके तहत बीमा कंपनियां अपनी योजनाएं बैंकों के माध्यम से बेचती हैं, से 7.28 फीसदी नए कारोबारी प्रीमियम की प्राप्ति हुई। इसमें व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों तरह की बीमा शामिल है।
व्यक्तिगत एजेंटों की हिस्सेदारी नए कारोबारी प्रीमियम में 72.17 प्रतिशत जबकि कॉर्पोरेट एजेंटों की हिस्सेदारी 3.74 फीसदी की रही। निजी क्षेत्र में बैंकएश्योरेंस चैलन का येगदान नए कारोबारी प्रीमियम में 18.20 प्रतिशत रहा जबकि व्यक्तिगत एजेंटों का 53.46 फीसदी और कॉर्पोरेट एजेंटों का 9.92 प्रतिशत रहा।
दूसरी तरफ सार्वजनिक क्षेत्र के और देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम ने व्यक्तिगत एजेंटों के माध्यम से 98.36 प्रतिशत नया कारोबारी प्रीमियम प्राप्त किया और साल 2007-08 के कुल प्रीमियम में इनकी हिस्सेदारी 82.68 प्रतिशत की रही।
तालिका के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि पारंपरिक व्यक्तिगत एजेंसी चैनल की जगह अब कॉर्पोरेट एजेंसी और डायरेक्ट सेलिंग चैनल का योगदान बीमा कारोबार में बढ़ रहा है।

First Published - May 1, 2009 | 1:45 PM IST

संबंधित पोस्ट