facebookmetapixel
Advertisement
तीन महीनों की बिकवाली के बाद FPI की दमदार वापसी, फरवरी में बरसे ₹19,675 करोड़Lenovo India Q3 Results: एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत मांग से कमाई में उछाल, राजस्व 7 फीसदी बढ़कर ₹8,145 करोड़ परMCap: टॉप 6 कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ घटा, TCS और Infosys सबसे ज्यादा प्रभावितEAM Jaishankar की दो टूक, विदेश और ऊर्जा नीति में भारत स्वतंत्रबांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय, तारिक रहमान सोमवार को लेंगे पीएम पद की शपथ; PM Modi को भी निमंत्रणManappuram Finance में बैन कैपिटल की बड़ी एंट्री, RBI से मिली हरी झंडीसट्टेबाजी पर शिकंजा! RBI ने बदले कर्ज के नियम, बाजार में हलचलCredit Card Tips: क्या सच में फ्री होती है No Cost EMI? शर्तें पढ़े बिना न करें खरीदारीअब विदेशों में छाएगी यूपी की व्हिस्की, योगी सरकार की नई एक्सपोर्ट नीति से खुलेंगे दरवाजेदिसंबर संकट के बाद इंडिगो की बड़ी उड़ान, 1000 से ज्यादा पायलटों की भर्ती का ऐलान

UPI यूजर्स ध्यान दें! 1 अप्रैल से इन नंबरों पर बंद हो जाएंगी पेमेंट सेवाएं, जानें किसे होगा नुकसान और कैसे बचें

Advertisement

NPCI का कहना है कि पुराने और इनऐक्टिव नंबरों से जुड़ी UPI ID एक सुरक्षा खतरा बन सकती है।

Last Updated- March 21, 2025 | 2:57 PM IST
upi
Representative image

अगर आपका मोबाइल नंबर लंबे समय से बंद है या आप उसे इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने साफ किया है कि 1 अप्रैल 2025 से ऐसे सभी UPI ID हटा दिए जाएंगे जो निष्क्रिय यानी इनऐक्टिव मोबाइल नंबरों से जुड़े हैं।

किन्हें होगा नुकसान?

अगर किसी यूजर ने अपना पुराना नंबर बंद कर दिया है और उसे Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे ऐप्स से हटाया नहीं है, तो वह UPI सेवाओं से वंचित हो सकता है। उस नंबर से जुड़ी UPI ID ऑटोमैटिकली डिलीट कर दी जाएगी। ऐसे में उस नंबर से UPI पेमेंट करना संभव नहीं रहेगा।

NPCI क्यों ले रहा है यह फैसला?

NPCI का कहना है कि पुराने और इनऐक्टिव नंबरों से जुड़ी UPI ID एक सुरक्षा खतरा बन सकती है। जब कोई यूजर अपना नंबर बदलता है और उसे डिलीट नहीं करता, तो भविष्य में वही नंबर किसी और को अलॉट हो सकता है। ऐसे में नया यूजर उस पुराने नंबर से जुड़ी UPI ID का गलत फायदा उठा सकता है, जिससे धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है।

इन लोगों की बंद हो सकती है UPI सर्विस

अगर आप UPI का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके काम की है। कुछ यूजर्स की UPI सेवा बंद हो सकती है। ऐसे कौन लोग हैं, जिनकी UPI सर्विस बंद हो सकती है, आइए जानते हैं:

  • जिन यूजर्स ने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है और बैंक में अपडेट नहीं कराया है, उनकी UPI सेवा बंद हो सकती है।
  • अगर किसी ने अपना पुराना नंबर डीएक्टिवेट कर दिया है और नया नंबर बैंक में रजिस्टर नहीं कराया है, तो उसे भी UPI एक्सेस नहीं मिलेगा।
  • जो मोबाइल नंबर लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुए हैं, जैसे कि उनसे कॉल या SMS नहीं हुए हैं, उन्हें UPI नेटवर्क से हटा दिया जाएगा।
  • जिन यूजर्स के मोबाइल नंबर अब किसी और को अलॉट हो गए हैं, वे भी UPI का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

यूपीआई सेवाएं बंद न हों, इसके लिए क्या करें? जानिए जरूरी बातें

अगर आप यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी सेवाएं जारी रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी।

  • बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू (active) होना चाहिए। अगर आपका नंबर बंद हो गया है, तो उसे जल्द से जल्द फिर से चालू कराएं।
  • यूपीआई से लिंक बैंक खाते में अपना नया या सही मोबाइल नंबर अपडेट करें।
  • अगर आपके यूपीआई आईडी से जुड़ा कोई मोबाइल नंबर बंद पड़ा है, तो 1 अप्रैल से पहले नया नंबर लिंक करवा लें, ताकि आपकी यूपीआई सेवाएं बंद न हों।

UPI फ्रॉड रोकने के लिए NPCI ने उठाया कदम, बैंक ऐसे करेंगे कार्रवाई

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा है कि वे समय-समय पर यूजर्स के मोबाइल नंबर चेक करें और जो नंबर बंद, बदले गए या फिर दोबारा अलॉट किए गए हैं, उन्हें सिस्टम से हटा दें।

बैंक ऐसे यूजर्स को पहले नोटिफिकेशन भेजेंगे, जिनके मोबाइल नंबर लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं। अगर यूजर मोबाइल नंबर दोबारा एक्टिव नहीं करता, तो उसका UPI आईडी हटा दिया जाएगा ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी न हो।

हालांकि, जिन यूजर्स ने 1 अप्रैल से पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर लिया है, उनके UPI एक्सेस को हटाया नहीं जाएगा।

UPI फ्रॉड रोकने के लिए NPCI ने उठाया कदम, बैंक ऐसे करेंगे कार्रवाई

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा है कि वे समय-समय पर यूजर्स के मोबाइल नंबर चेक करें और जो नंबर बंद, बदले गए या फिर दोबारा अलॉट किए गए हैं, उन्हें सिस्टम से हटा दें।

बैंक ऐसे यूजर्स को पहले नोटिफिकेशन भेजेंगे, जिनके मोबाइल नंबर लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं। अगर यूजर मोबाइल नंबर दोबारा एक्टिव नहीं करता, तो उसका UPI आईडी हटा दिया जाएगा ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी न हो।

हालांकि, जिन यूजर्स ने 1 अप्रैल से पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर लिया है, उनके UPI एक्सेस को हटाया नहीं जाएगा।

Advertisement
First Published - March 21, 2025 | 2:57 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement