facebookmetapixel
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की तारीख तय! रूट, स्पीड जान लीजिएनए साल में मनी मैनेजमेंट के 6 दमदार टिप्स, जेब में हमेशा रहेंगे पैसेMarket This Week: सेंसेक्स-निफ्टी 1% चढ़े, निवेशकों की वेल्थ ₹6 लाख करोड़ बढ़ी; ऑटो-मेटल स्टॉक्स चमकेITC Share Price: दो दिन में 15% लुढ़का, अब ब्रोकरेज ने किया डाउनग्रेड; आगे क्या करें निवेशक ?8th Pay Commission, EPF, टैक्स से लेकर बैंकिंग तक: 2026 में आपके लिए क्या-क्या बदलने वाला है?Mirae Asset की पैसा 4 गुना करने वाली स्कीम, मंथली ₹10,000 की SIP से 10 साल में बना ₹30 लाख का फंड32% रिटर्न देने को तैयार ये Media Stock, ब्रोकरेज ने कहा- कंसोलिडेशन का फेस पूरा; अब भरेगा उड़ानFASTag यूजर्स को बड़ी राहत: 1 फरवरी से कारों के लिए KYV की झंझट खत्म, NHAI का बड़ा फैसलासफायर फूड्स का देवयानी इंटरनेशनल में मर्जर, शेयरहोल्डर्स को होगा फायदा? जानें कितने मिलेंगे शेयरसिगरेट कंपनियों के शेयरों में नहीं थम रही गिरावट, लगातार दूसरे दिन टूटे; ITC 5% लुढ़का

RBI का बड़ा कदम, मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए KYC में किए बदलाव

आरबीआई ने CDD प्रक्रिया और केंद्रीय KYC रिकॉर्ड रजिस्ट्री (CKYCR) के साथ KYC जानकारी साझा करने को लेकर भी संशोधन किए हैं।

Last Updated- November 07, 2024 | 6:36 AM IST
RBI
Representative image

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) मानकों में बदलाव किए हैं। यह बदलाव ‘मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम (रिकॉर्ड संधारण) नियमों’ में हाल ही में किए गए संशोधनों के साथ तालमेल बिठाने के लिए किए गए हैं। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ने कुछ मौजूदा निर्देशों में भी संशोधन किया है।

आरबीआई ने 2016 के मास्टर डायरेक्शन -KYC दिशा-निर्देश में संशोधन किया है। इसके तहत, अब सभी रेगुलेटेड एंटिटीज (REs) को ग्राहक की पहचान जांच प्रक्रिया यानी कस्टमर ड्यू डिलिजेंस (CDD) को यूनिक कस्टमर आइडेंटिफिकेशन कोड (UCIC) स्तर पर लागू करना होगा।

RBI द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, अगर किसी रेगुलेटेड एंटिटी (RE) के मौजूदा KYC-सम्पन्न ग्राहक को उसी एंटिटी में नया खाता खोलना है या किसी अन्य उत्पाद या सेवा का लाभ उठाना है, तो ग्राहक की पहचान के लिए नए CDD (ग्राहक पहचान प्रक्रिया) की आवश्यकता नहीं होगी।

आरबीआई ने बताया कि मास्टर डायरेक्शन में किए गए ये संशोधित प्रावधान तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।

आरबीआई ने CDD प्रक्रिया और केंद्रीय KYC रिकॉर्ड रजिस्ट्री (CKYCR) के साथ KYC जानकारी साझा करने को लेकर भी संशोधन किए हैं। अब, जब भी कोई रिपोर्टिंग इकाई (RE) किसी ग्राहक से नई या अपडेट की गई जानकारी प्राप्त करती है, तो उसे सात दिनों के भीतर या केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित अवधि में CKYCR को अपडेट की गई जानकारी भेजनी होगी। इसके बाद, CKYCR ग्राहक के मौजूदा KYC रिकॉर्ड को अपडेट कर देगा।

CKYCR एक ऐसी इकाई है, जो ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में प्राप्त करती है, सुरक्षित रखती है और आवश्यकता पड़ने पर वापस उपलब्ध कराती है।

First Published - November 7, 2024 | 6:36 AM IST

संबंधित पोस्ट