facebookmetapixel
एक भारत, श्रेष्ठ भारत का जीवंत प्रतीक है काशी-तमिल संगममसरकारी दखल के बाद भी ‘10 मिनट डिलिवरी’ का दबाव बरकरार, गिग वर्कर्स बोले- जमीनी हकीकत नहीं बदलीभारतीय सिनेमा बनी कमाई में ‘धुरंधर’; बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ₹13,397 करोड़, गुजराती और हिंदी फिल्मों ने मचाया धमालInfosys ने बढ़ाया रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान, डील पाइपलाइन मजबूत; मुनाफा नई श्रम संहिता से दबाव मेंस्मार्टफोन निर्यात में भारत का नया रिकॉर्ड, 2025 में 30 अरब डॉलर के पार; iPhone की 75% हिस्सेदारीQ3 Results: Groww का मुनाफा 28% घटा, लेकिन आय बढ़ी; HDFC AMC का लाभ 20% उछलासोना-चांदी के रिकॉर्ड के बीच मेटल शेयर चमके, वेदांत और हिंदुस्तान जिंक ने छुआ नया शिखरमहंगाई नरम पड़ते ही सोना रिकॉर्ड पर, चांदी पहली बार 90 डॉलर के पारकमाई के दम पर उड़ेगा बाजार: इलारा कैपिटल का निफ्टी के लिए 30,000 का टारगेटम्युचुअल फंड्स में डायरेक्ट प्लान का जलवा, 2025 में AUM 43.5% बढ़ा

आरक्षित निधि पर्याप्तता दिसंबर 20 में बढ़कर 18.6 महीने के स्तर पर

Last Updated- December 12, 2022 | 4:52 AM IST

केंद्रीय बैंक ने विदेशी विनिमय प्रबंधन पर अपनी अद्र्घवार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि दिसंबर 2020 के अंत में भारत का आयात कवर सुधर कर 18.6 महीने पर पहुंच गया जो सितंबर, 2020 के अंत में 17.1 महीने पर था।
आरक्षित निधि के साथ लघु अवधि ऋण का अनुपात सितंबर 2020 के अंत में 18.9 फीसदी पर था जो दिसंबर 2020 के अंत में घटकर 17.7 फीसदी पर आ गया। केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडारों के प्रबंधन पर अपनी अद्र्घवार्षिक रिपोर्ट में कहा कि उसी अवधि में अस्थिर पूंजी प्रवाहों (संचयी पोर्टफोलियो आगमों और बकाये लघु अवधि ऋण सहित) और आरक्षिण निधि का अनुपात 68 फीसदी से घटकर 67 फीसदी रह गया।
मार्च 2021 के अंत में रिजर्व बैंक के पास 695.31 टन सोना था। इसमें से 403.01 टन सोना विदेश में बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनैशनल सैटलमेंट (बीआईएस) तथा 292.30 टन घरेलू स्तर पर रखा गया था।      
मूल्य (अमेरिकी डॉलर) के संदर्भ में कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2020 के अंत में करीब 6.69 फीसदी थी जो मार्च 2021 के अंत में घटकर 5.87 फीसदी रह गई थी। इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 544.69 अरब डॉलर से बढ़कर 576.98 अरब डॉलर पर पहुंच गई।
भारतीय रिजर्व बैंक के भंडरों का रखरखाव अमेरिकी डॉलर, यूरो, पाउंड स्टरर्लिंग, जापानी येन आदि विभिन्न बड़ी मुद्राओं में किया जाता है लेकिन इसमें डॉलर का प्रभाव अधिक है और इसे डॉलर में ही व्यक्त किया जाता है। विदेशी मुद्रा संपत्तियों में बदलाव मुख्य तौर पर रिजर्व बैंक द्वारा विदेश विनिमय की खरीद और बिक्री, विदेशी मुद्रा भंडारों के उपयोग से होने वाली आमदनी, केंद्र सरकार को बाहरी मदद प्राप्तियों और संपत्ति के पुनर्मूल्यांकन में बदलावों के कारण से होता है।

First Published - May 12, 2021 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट