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लक्ष्मी विलास बैंक व क्लिक्स हैं प्रतिबद्ध

Last Updated- December 14, 2022 | 11:26 PM IST

क्लिक्स कैपिटल और उसकी समूह की फर्मों के साथ विलय का सौदा नहीं होगा, इस अफवाह पर लक्ष्मी विलास बैंक और क्लिक्स कैपिटल के आला अधिकारियों ने कहा है कि वे इस विलय को लेकर प्रतिबद्ध हैं। इस प्रतिबद्धता के बाद नियामक के दबाव वाले विलय को भी कयास ही माना जा रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड से खास बातचीत में निदेशकों की समिति के सदस्य शक्ति सिन्हा ने कहा, अब सिर्फ समय की बात है कि नियामक के पास कब आवेदन किया जाता है। उन्होंने कहा, बैंक इस विलय को लेकर प्रतिबद्ध है और इसे पूरा करेगा। क्लिक्स कैपिटल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमने बातचीत पर एक या दो दिन के लिए विराम लगाया था क्योंकि नई टीम को व्यवस्थित होने के लिए कुछ समय की दरकार थी।
इस लेनदेन पर काम कर रहे एक व्यक्ति ने कहा, बताया जाता है कि क्लिक्स कैपिटल ने सौदे के लिए तीन शर्तें रखी है। पहला, गैर-बैंक लेनदार लक्ष्मी विलास बैंक की बहुलांश हिस्सेदारी लेना चाहता है। न्यूनतम 51 फीसदी हिस्सेदारी पहली जरूरत होगी, हालांकि वे आरबीआई की अनुमति से हिस्सेदारी बढ़ाकर 74 फीसदी पर ले जाना चाहेंगे।
समझा जाता है कि क्लिक्स नहीं चाहती कि उसकी हिस्सेदारी अनिवार्य तौर पर लॉक इन में रहे और 8 से 10 साल में धीरे-धीरे घटाकर 15 फीसदी की नियामकीय सीमा पर लाने की इच्छुक है। सूत्र ने कहा, अगर क्लिक्स विलय पप्रस्ताव में तय समयसीमा से पहले हिस्सेदारी घटाना चाहती है तो वह इसकी गुंजाइश चाहती है।
बिजनेस स्टैंडर्ड ने खबर दी थी कि क्लिक्स के निदेशक विलय से पहले बैंक के कारोबार से जुड़े भविष्य के दावों से होने वाली हानि से सुरक्षा चाहेंगे। सूत्रों ने कहा कि हालात को देखते हुए ये शर्तें सौदे की राह में अड़चन नहीं बनेगी।
एक अन्य सूत्र ने कहा, विलय की अंतिम शर्तों पर बातचीत हो रही है और लक्ष्मी विलास बैंक व क्लिक्स अगर सहमत होते हैं तो आरबीआई के सामने एक हफ्ते या पखवाड़े में आवेदन रखा जाएगा।
सिन्हा ने कहा कि बैंक इस विलय के साथ-साथ रकम जुटाने के विकल्पों का भी आकलन करेगा। जब विलय का आवेदन दाखिल कर दिया जाएगा तब एफपीआई या राइट्स इश्यू के जरिए रकम जुटाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, यह प्लान बी जैसा नहीं है। साथ ही बैंक की नकदी की स्थिति को लेकर डर पर सिन्हा ने जोर देते हुए कहा कि सोमवार से बैंक से जमाओं की निकासी नहीं हो रही है। यहां तक कि लक्ष्मी विलास बैंक की टियर-1 पूंजी 27 सितंबर, 2020 को 0.17 फीसदी थी और नकदी कवरेज अनुपात 262 फीसदी, जो नियामकीय अनिवार्यता 100 फीसदी से काफी ज्यादा है।
बुधवार को बैंक ने 15 करोड़ रुपये का टियर-2 कूपन की देनदारी भी पूरी कर ली।  बैंक के परिचालन के लिए निदेशकों की समिति के अलावा बैंक के दो आला अधिकारी जी श्रीराम (अध्यक्ष, थोक बैंकिंग) और मीनाक्षी सुंदरम (अध्यक्ष व मुख्य परिचालन अधिकारी) रोजाना की गतिविधियों के प्रबंधन में शामिल हो गए हैं।

First Published - September 30, 2020 | 11:18 PM IST

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