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ऐक्सिस बैंक में घटेगा सरकारी हिस्सा

Last Updated- December 12, 2022 | 8:06 AM IST

अपना विनिवेश लक्ष्य पूरा करने के लिए सरकार चालू वित्त वर्ष में सूटी के जरिये ऐक्सिस बैंक में अपनी एक फीसदी से अधिक हिस्सेदारी बेचने के बाद और भी हिस्सेदारी घटा सकती है।  
इस प्रस्तावित सौदे से सरकार को 2,300 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। सरकार ने विनिवेश से 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य को घटाकर वित्त वर्ष 2021 के लिए 32,000 करोड़ रुपये कर दिया है।  
एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक सरकार की योजना ऐक्सिस बैंक में स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (सूटी) के जरिये अतिरिक्त 1-2 फीसदी की हिस्सेदारी बेचने की है और अगले वर्ष तक वह ऐक्सिस बैंक में अपनी समूची हिस्सेदारी बेचकर निकल सकती है। सरकार पहले ही इस साल बैंक में अपनी एक फीसदी से अधिक हिस्सेदारी बेच चुकी है।        
अधिकारी ने बताया कि सरकार की योजना चालू वित्त वर्ष में देश में निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक में 1-2 फीसदी हिस्सेदारी टुकड़ों में बेचने की है। यदि सरकार इस साल 2 फीसदी हिस्सेदारी नहीं बेच सकी तो उसे अगले वित्त वर्ष में बेचा जाएगा। हालांकि अभी तक की योजना निजी क्षेत्र के इस बैंक में बाकी बची 1 फीसदी की हिस्सेदारी बेच कर अगले वर्ष तक बाहर निकल जाने की है।
भेदिया कारोबार को रोकने के लिए स्टॉक एक्सचेंजों के समक्ष किए गए खुलासों के मुताबिक 21 दिसंबर को हिस्सेदारी बिक्री के बाद ऐक्सिस बैंक में सरकार की मौजूदा हिस्सेदारी 3.37 फीसदी रह गई है। हालांकि, दिसंबर 2020 में समाप्त तिमाही की शेयरधारिता प्रारूप से पता चलता है कि सूटी की हिस्सेदारी 3.54 फीसदी है।
अप्रैल 2020 से सरकार ने सूटी के जरिये ऐक्सिस बैंक की 1.32 फीसदी हिस्सेदारी कम की है। अधिकांश हिस्सेदारी को शेयरों के रूप में बेचा गया था। तब तक बैंक का शेयर 25 मार्च, 2020 को 285 रुपये प्रति शेयर के 52 हफ्तों के न्यूनतम स्तर से उबर चुका था। बिजनेस स्टैंडर्ड की गणना के मुताबिक सरकार को इससे 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हुई थी। बैंक का शेयर 16 फरवरी को 800 रुपये पर पहुंच गया था, जो 52 हफ्तों का उच्च स्तर है।   
बिजनेस स्टैंडर्ड ने पहले खबर दी थी कि सरकार ने शेयर 600 रुपये तक पहुंचने का इंतजार किया था और उसके बाद बैंक के शेयर बेचने की पहल की। मगर अधिकारी ने कहा कि ऐक्सिस बैंक में हिस्सेदारी घटाने का निर्णय पिछले वर्ष लिया गया था। 

First Published - February 18, 2021 | 11:16 PM IST

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